
नई दिल्ली: कार्तिक शुक्ल नवमी तारीख को आंवला नवमी के रूप में मनाई जाती है। जिससे अक्षय नवमी के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि इस दिन से द्वापर युग आरम्भ हुआ था और इसी दिन कृष्ण ने कंस का वध भी किया था और धर्म की स्थापना की थी। इस दिन आंवले का सेवन करने से सेहत का वरदान मिलता है। आंवले नवमी के दिन आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है। वहीं इस साल की अक्षय नवमी 02 नवंबर को मनाई जाएगी।
अक्षय नवमी का शुभ मुहूर्त
बता दें कि इस साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 01 नवंबर को रात 11 बजकर 04 मिनट से शुरू होगी और इसका समापन 02 नवंबर की रात 09 बजकर 09 मिनट पर होगा। इसकी पूजा का शुभ मुहूर्त की बात करें तो यह 02 नवंबर की सुबह 06 बजकर 34 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 04 मिनट तक रहेगा।
अक्षय नवमी का महत्व
कहा जाता है कि इस दिन सतयुग आरम्भ हुआ था। इसलिए इस दिन व्रत, पूजा, तर्पण और दान का विशेष महत्व होता है। आंवला नवमी को ही भगवान श्रीकृष्ण ने वृंदावन-गोकुल की गलियां छोड़कर मथुरा प्रस्थान किया था। इसी दिन से वृंदावन की परिक्रमा भी प्रारंभ होती है।
पूजा विधि
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