
नई दिल्ली: आज यानी 29नवंबर मंगलवार की शाम से अग्नि पंचक लग रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पंचक में शुभ कार्यों को करना सही नहीं माना जाता है। इसमें अग्नि से संबंधित नए कार्यों को करना अशुभ माना जाता है। पंचक आज से अगले पांच दिनों तक रहेगा। पंचाग के अनुसार, हर माह में 5 दिन ऐसे होते है जिसमें पंचक लगता है और इन दिनो में कोई भी शुभ काम करना अच्छा नहीं माना जाता। मान्यता है कि, पंचक के दौरान किए गए कार्य का दुष्प्रभाव पांच गुना बढ़ जाता है। इससे जातक के जीवन में कई तरह का संकट बना रहता है।
चलिए जानते है अग्नि पंचक क्या है और इस दिन किन कामों को करने से बचना चाहिए।
अग्नि पंचक 2022समय
पंचांग के अनुसार आज शाम 07बजकर 51मिनट से अग्नि पंचक अरांभ होगा। इसकी समाप्ति पांचवे दिन यानी 4दिसंबर 2022रविवार को शाम 6बजकर 16मिनट पर होगी।
पंचक क्या होता है?
ज्योतिष शास्त्रों के अधार पर पंचक मंगलवार की शाम से शुरू हो जाएगा। बता दे कि कुल 27नक्षत्र होते हैं, इसमें अखिर के पांच नक्षत्र धनिष्ठा, शतभिषा,पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती होते है। इन सभी के संयोग से पंचक लगता है। चंद्रमा का गोचर जिस समय कुंभ और मीन राशी में भ्रमण करता है तो उस समय पंचक लगता है। इन दिनो में गलती से भी कोई शुभ कार्य ना करें।
पचंक में क्या न करें
पचंक के समय आग से संबंधित नए कार्य नहीं करने चाहिए। इसके अलावा लकड़ी या लड़की से बनी नई वस्तुएं की खरीदारी भी नहीं करनी चाहिए। मकान की छत नहीं लगवानी चाहिए। इतना ही नहीं, अगर इन दिनो में किसी की मृत्यु हो जाती है तो शवों का दाह संस्कार भी पंडित की सलाह लेकर करना चाहिए। पंचक में कोई भी शुभ मांगलिक कार्य नहीं करते हैं।
धार्मिक मान्यताओं है कि, पंचक में किसी की मृत्यु होती है परिवार में पांच अन्य लोगों की मृत्यु होने की संभाना रहती है। वहीं अगर पचंक में कोई बच्चा जन्म लेता है तो घर में पांच बच्चों के जन्म का संयोग बनता है। कहा जाता है कि पंचक में जिन लोगों की मृत्यु होती है, उनकी आत्मा की शांति के लिए घर पर गरुड़ पुराण का पाठ करवाना सही माना जाता है। पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा करना अशुभ माना जाता है क्योंकि यह दिशा भगवान यमराज की दिशा है।
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