
shakuntala railway track:भारतीय रेलवे पूरे विश्व में चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। भारत में कुल 12,167 पैसेंजर ट्रेन है। इसके अलावा 7,349 मालगाड़ी ट्रेन है। वहीं देश में रोजाना 23 मिलियन यात्री ट्रेन से यात्रा करते है। भारत में रेलवे स्टेशनों की कुल संख्या 8,500 के पास है, लेकिन देश में कुछ रेल है जो दुनियाभर मशहूर है। ऐसे में एक रेल वायरल हो रही है जिसके बारे में कहा जा रहा है कि आज भी ये रेल अंग्रेजों के कंट्रोल में है। अब इस बात में कितनी सच्चाई है चलिए आपको बताते है।
दरअसल देश को आजादी हुए 75 साल हो चुके हैं और इस मौके पर देशभर में आजादी का अमृतकाल भी मनाया जा रहा है लेकिन देश में एक रेलवे ट्रैक ऐसा भी है, जो आज भी अंग्रेजों के कंट्रोल में है। इस रेलवे ट्रैक को आज भी एक ब्रिटेन की एक कंपनी संचालित करती है। कई बार भारत ने इस इसको खरीदने का ऑफर दिया लेकिन बात किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा। हर साल भारतीय रेलवे 1 करोड़ 20 लाख रुपये की रॉयल्टी ब्रिटेन की प्राइवेट कंपनी को देती है।
जिस रेल ट्रैक की बात कर रहे है वो शकुंतला रेलवे ट्रैक है। इस पर सिर्फ शकुंतला पैसेंजर चला करती थी। हालांकि इस पर लोग फिर से रेल चलाने की मांग कर रहे है। यह ट्रैक नैरो गेज यानी छोटी लाइन वाला है। यह ट्रैक 190 किलोमीटर का है और महाराष्ट्र के अमरावती से मुर्तजापुर तक फैला हुआ है। इस ट्रैक पर ट्रेन यवतमाल, अचलपुर समेत 17 विभिन्न स्टेशनों पर रुकती है।
बता दें कि साल 1903 में यह ट्रैक बनाने का काम शुरू हुआ था। 1916 में यह पूरी तरह बनकर तैयार हो गया। जब 1947 में भारत को आजादी मिली तो इस कंपनी के साथ इंडियन रेलवे ने एक डील की। इसके तहत इस कंपनी को रेलवे रॉयल्टी देती है। कंपनी ने 60 वर्ष से इस पर कोई मरम्मत नहीं कराई है। फिलहाल यहां रेल बंद कर दिया गया है।
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