उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में 307 नव नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इनमें 243 चिकित्सा अधिकारी, 42 फार्मासिस्ट और उद्यान विभाग के 22 प्रयोगशाला सहायक एवं मशरूम पर्यवेक्षक शामिल हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नियुक्ति पत्र केवल नौकरी का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की सेवा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों वाले राज्य में स्वास्थ्य कर्मियों की भूमिका बेहद अहम होती है। संकट के समय लोगों की पहली उम्मीद डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी ही होते हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत को लेकर हो रहा काम- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों से संवेदनशीलता और सेवा भावना के साथ काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। सीएम धामी ने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत अब तक राज्य में 62 लाख से ज्यादा कार्ड बनाए जा चुके हैं और करीब 12 लाख मरीजों का 2200 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस इलाज किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पांच मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जबकि दो नए मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा 9 नर्सिंग कॉलेज और 3 नर्सिंग स्कूल भी चल रहे हैं।
इन शहरों में होगा विस्तार
उन्होंने बताया कि देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। वहीं हल्द्वानी में आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। दूरस्थ इलाकों में बेहतर इलाज के लिए टेलीमेडिसिन और हेली एंबुलेंस सेवाएं भी शुरू की गई हैं। कार्यक्रम में कृषि एवं उद्यान मंत्री गणेश जोशी और स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने भी सरकार की योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नई नियुक्तियों से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी।
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