25 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है क्रिसमस? जानें इसका इतिहास

25 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है क्रिसमस? जानें इसका इतिहास

नई दिल्ली:  25 दिसंबर को दुनियाभर में क्रिसमस का त्योहार मनाया जाता है। ये त्योहार ईसा मसीह के जन्मदिन पर मनाया जाता है। इस दिन लोग घरो में साज सजावट करते है और लाइटों से घरों में रोशनी करते है। इस दिन लोग एक दूसरे को तोहफा देकर क्रिसमस की खुशी मनाते है लेकिन क्या सच में इस दिन ईसा मसीह का जन्मदिन 25 दिसंबर को होता है?

वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बाइबिल में इस बारे में कोई स्पष्ट रूप से निर्देश नहीं है कि क्यो 25 दिसंबर को यीशू (Jesus Christ) का जन्म हुआ था। आइए हम जानते हैं 25 दिसंबर को क्रिसमस (Christmas 2022) मनाने का क्या है रिवाज और कैसे इसे ईसा मसीह के जन्मदिन से जोड़ा गया?

क्रिसमस मनाने के पिछे क्या है इतिहास

माना जाता है कि जोसेफ और मैरी ने 25 दिसंबर को बेथलहम में ईसा मसीह को जन्म दिया था, जिन्हें ईश्वर का पुत्र माना जाता है। Jesus of Nazareth एक आध्यात्मिक गुरू थे जिनकी शिक्षाओं ने ईसाई धर्म की नींव रखी। हालांकि बाइबल में उनके जन्म की किसी विशेष तिथि का उल्लेख नहीं है। एम्पायर कॉन्सटेंटाइन (पहले ईसाई रोमन सम्राट) ने 25 दिसंबर को क्रिसमस के रूप में नामित किया, जो कि ईसा मसीह के जन्म को मनाने का दिन बन गया।

संयुक्त राज्य अमेरिका ने 1870 में 25 दिसंबर को एक संघीय अवकाश के रूप में घोषित किया और यह तब से दुनिया भर में व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त अवकाश रहा है।

25 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है क्रिसमस

दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से 25 दिसंबर की पूर्व संध्या पर लोग चर्चों में आधी रात को जुटते हैं और सभी परिवार अपने घरों को क्रिसमस की चीजें जैसे स्टॉकिंग्स, टिनसेल्स और पेड़ से सजाते हैं।

बच्चों को सांता क्लॉज या फादर क्लॉज की कहानियां सुनाई जाती हैं, जिनकी पहचान कुछ यूं हैं कि वे एक सफेद पोशाक में लंबी सफेद दाढ़ी वाले एक बूढ़े व्यक्ति हैं, जो अपने साथ खिलौनों से भरा बैग लिए हुए है। बच्चों का मानना है कि वे आधी रात को आते हैं और सजे हुए पेड़ के नीचे उपहार छोड़ जाते है। बता दें कि इस दिन लोग कार्निवाल में शामिल होते हैं और इस दिन परिवार और दोस्तों के साथ अच्छा समय बिताते हैं।

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