Nepal Flood: नेपाल में भोटे कोशी नदी के अचानक उफान के बाद आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। इस आपदा में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं। बाढ़ से घरों, सड़कों, पुलों और जलविद्युत परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है। नेपाल की सेना, पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और आपदा प्रबंधन एजेंसियां लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं।
175 शव बरामद, 476 लोग लापता
नेपाल दूतावास के अनुसार, अब तक 175 शव बरामद किए जा चुके हैं। स्थानीय लोगों और पर्यटकों समेत कई लोग अभी भी लापता हैं। अधिकारियों के मुताबिक 28 देशों के कुल 476 लोगों के लापता होने की जानकारी मिली है। हालांकि, बचाव अभियान जारी होने के कारण इन आंकड़ों की पुष्टि अभी की जा रही है।
सुरक्षाकर्मी भी लापता
इस आपदा में राहत और बचाव कार्य में लगे सुरक्षाकर्मी भी लापता हुए हैं। जानकारी के अनुसार नेपाल सेना के 44, नेपाल पुलिस के 28 और सशस्त्र पुलिस बल के 13 जवानों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। रसुवा जिले में शव मिलने के साथ मृतकों की संख्या बढ़ रही है और उनकी पहचान का काम जारी है।
सैकड़ों यात्रियों के लापता होने की जानकारी
नेपाल पर्यटन बोर्ड के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार 466 विदेशी नागरिकों और 113 नेपाली नागरिकों समेत 579 यात्री लापता बताए गए हैं। वहीं, तिमुरे से 94 नेपाली और 29 विदेशी नागरिकों समेत कुल 123 लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित निकाला गया है।
पुल और सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त
बाढ़ से नेपाल के कई जिलों में बुनियादी ढांचे को बड़ा नुकसान हुआ है। करीब 35 मोटर योग्य पुल, 45 सस्पेंशन पुल और 40 किलोमीटर पक्की सड़कें गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुई हैं। रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन के कई इलाकों में बाढ़ का असर पड़ा है।
रातभर चला राहत अभियान
नेपाल सरकार ने खोज और बचाव अभियान तेज कर दिया है। सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने रातभर अभियान चलाकर तिमुरे और स्याफ्रुबेसी में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की। सैन्य और निजी हेलीकॉप्टरों की मदद भी ली जा रही है। घायलों के इलाज के लिए जिला अस्पतालों और काठमांडू के बड़े अस्पतालों की मेडिकल टीमों को तैनात किया गया है।
भारत ने भेजी 10 टन राहत सामग्री
भारत ने भी नेपाल की मदद के लिए तुरंत कदम उठाया है। नेपाल में भारतीय दूतावास ने 10 टन मानवीय राहत सामग्री नेपाल सरकार को सौंपी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से बात कर दुख जताया और हर संभव मानवीय सहायता देने का भरोसा दिया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि भारत की मानवीय, आपदा राहत और चिकित्सा सामग्री काठमांडू पहुंच चुकी है। राहत और बचाव के लिए दोनों देशों के बीच लगातार समन्वय किया जा रहा है।
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