ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच फंसे 10 हजार भारतीय, सरकार ने जारी की एडवाइजरी

Iran protests : ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर कार्रवाई लगातार और तेज होती जा रही है। मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुई हैं। हालात को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बढ़ रहा है, वहीं भारत ने भी अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। ईरान में मौजूदा हालात के बीच वहां रह रहे भारतीय नागरिकों को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। जानकारी के मुताबिक इस समय ईरान में करीब 10 से 12 हजार भारतीय मूल के लोग मौजूद हैं, जिनमें बड़ी संख्या छात्रों की है। खास तौर पर दो से तीन हजार कश्मीरी छात्र मेडिकल की पढ़ाई के लिए ईरान में रह रहे हैं। जइस स्थिति में भारत में रह रहे उनके परिवारों की बेचैनी लगातार बढ़ रही है। JKSA ने भारत सरकार और संबंधित अधिकारियों से ईरान में फंसे छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हालात पर लगातार नजर रखने की अपील की है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते मदद पहुंचाई जा सके।
अब तक 3,428 प्रदर्शनकारियों की मौत
एएफपी ने नॉर्वे स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) एनजीओ के हवाले से बताया कि ईरान में प्रदर्शनों पर कार्रवाई के दौरान अब तक कम से कम 3,428 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है और 10,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। IHR के अनुसार, इनमें से 3,379 मौतें 8 से 12 जनवरी के बीच हुईं, जब प्रदर्शन अपने चरम पर थे।
भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी
ईरान ने अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव और विरोध प्रदर्शनों के बीच राजधानी तेहरान के आसपास अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इसके चलते भारतीय एयरलाइनों की उड़ानें प्रभावित हुई हैं। एयर इंडिया और इंडिगो ने वैकल्पिक मार्ग अपनाने के कारण संभावित देरी को लेकर ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। यह बंदी नोटम (NOTAM) के जरिए अगले आदेश तक लागू की गई है। ईरान में बिगड़ते हालात को देखते हुए तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार को एक एडवाइजरी जारी की. इसमें ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों से उपलब्ध साधनों, खासकर कमर्शियल फ्लाइट्स के जरिए, देश छोड़ने की अपील की गई है। दूतावास ने भारतीय नागरिकों और पीआईओ (भारतीय मूल के लोगों) से कहा है कि वे पूरी सतर्कता बरतें, प्रदर्शन या विरोध वाले इलाकों से दूर रहें और भारतीय दूतावास के संपर्क में बने रहें।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा तनाव
ईरान में प्रदर्शनों पर सख्त कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर ईरान सरकार और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच तीखी बयानबाजी भी हो रही है। ट्रंप ने ईरानी नागरिकों से प्रदर्शन जारी रखने की अपील की और कहा कि मदद रास्ते में है। उनके इस बयान पर ईरान की सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति राजनीतिक अस्थिरता फैलाने, हिंसा भड़काने और देश की संप्रभुता को खतरे में डालने की कोशिश कर रहे हैं।
कैसे शुरू हुए थे प्रदर्शन
ईरान में ये विरोध प्रदर्शन दिसंबर के अंत में शुरू हुए थे। शुरुआत में लोग खराब होती अर्थव्यवस्था और महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे, लेकिन जल्द ही ये प्रदर्शन देश की धार्मिक सत्ता व्यवस्था के खिलाफ भी हो गए। खासतौर पर सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को निशाना बनाया गया।
Leave a comment