
नई दिल्ली: हिंदू पंचांग के अनुसार, धनतेरस का त्योहार कार्तिक मास के त्रयोदशी को मनाया जाता है। त्रयोदशी तिथि के दिन भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत भी रखा जाता है। ये पर्व धन-धान्य और आरोग्य की कामना को पूरा करने वाला माना जाता है। इस दिन भगवान कुबेर, माता लक्ष्मी और भगवान धन्वतरि की पूजा का बहुत महत्व है।
मान्याता है कि इस दिन भगवान ने समुद्र मंथन कर असुरों का वद्ध किया था और वहां से उन्हें अमृत कलश की प्राप्ति हुई थी। यह पावन त्योहार खरीदारी के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। यही कारण है लोग इस दिन सोना-चांदी, गहनें, बर्तन और नया वाहन खरीदने के लिए पूरे साल इस पावन पर्व का इंतजार करते हैं।
आइए जानते है धनतेरस से जुड़े पूजा के उपायों के बारे में, जिससे आपके परिवार में धन वर्षा हो और सुख समृद्धि बनी रहे
1. इस दिन धन्य-धान्य की कामने करने के लिए भगवान श्री गणेश, मां लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि, भगवान कुबेर और मृत्यु के देवता यमराज की विशेष रूप से पूजा करनी चाहिए। मान्यता है कि धनतेरस पर यम देवता की विशेष पूजा करने पर अकाल मृत्यु का भय दूर हो जाता है।
2. दीपों के पंच महापर्व की शुरुआत करने वाले धनतेरस पर दीपदान का बहुत महत्व है। माना जाता है कि इस दिन दीपक जलाने से व्यक्ति के जीवन से जुड़े सभी दोष दूर होते हैं धनतेरस पर कामनाओं को पूरा करने और धन-धान्य की प्राप्ति के लिए घर में 13 दीपक जलाने की परंपरा है।
3. धनतेरस के दिन धन के देवता कुबेर भगवान की पूजा का बहुत महत्व है। इस दिन धन की कमी को दूर करने के लिए भगवान कुबेर यंत्र की विशेष पूजा करनी चहिए। मान्यता है कि धनतेरस पर कुबेर देवता की पूजा करने से पैसों की किल्लत दूर और दरिद्रता का नाश होता है।
4. इस दिन भगवान लक्ष्मी के साथ दक्षिणावर्ती शंख की पूजा का भी विशेष महत्व बताया गया है। इस शंख को मां लक्ष्मी का ही एक स्वरूप माना गया है। मान्यता है कि दक्षिणावर्ती शंख की पूजा करने से जीवन में कभी धन की कमी नहीं होती है।
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