
Iran Crisis: ईरान में आर्थिक संकट के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों ने अब पूरे देश को अपनी चपेट में ले लिया है। 28दिसंबर 2025से शुरू हुए इन प्रदर्शनों को आज 16दिन पूरे हो चुके हैं। इस दौरान कम से कम 530से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरकर सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के खिलाफ 'खामेनेई को मौत' और 'तानाशाह को मौत' के नारे लगा रहे हैं। सुरक्षा बलों की गोलीबारी और गिरफ्तारियों के बावजूद प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे और अब तक हजारों लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है।
ईरान में विरोध प्रदर्शनों
बता दें, ईरान में प्रदर्शन की शुरुआत आर्थिक संकट से हुई, जहां मुद्रास्फीति 42प्रतिशत से ऊपर पहुंच गई है, रियाल की कीमत डॉलर के मुकाबले 14लाख तक गिर चुकी है और खाद्य पदार्थों की कीमतों में 72प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई है। प्रदर्शनकारी न केवल आर्थिक नीतियों का विरोध कर रहे हैं, बल्कि विदेश नीति पर भी सवाल उठा रहे हैं। यह नारे सरकार की क्षेत्रीय प्रॉक्सी पर खर्च हो रहे अरबों डॉलरों की आलोचना करते हैं। प्रदर्शन अब 100से ज्यादा शहरों में फैल चुके हैं, जिसमें तेहरान, इस्फहान, फारसान, अराक, जाहेदान और मालेकशाही शामिल हैं।
मौतों और गिरफ्तारियों का सिलसिला
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर लाइव फायर का इस्तेमाल किया है, जिससे मौतों की संख्या तेजी से बढ़ी है। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) ने बताया कि कम से कम 538मौतें हो चुकी हैं, जबकि 2300से ज्यादा गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। अस्पतालों में शवों के ढेर लगते ही जा रहे है। सुरक्षा बलों के 100से ज्यादा सदस्य भी मारे गए हैं। सरकार ने इंटरनेट ब्लैकआउट लगाया है, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें लगातार आ रही हैं।
दूसरी तरफ, खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को 'दुश्मन' बताते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को अहंकारी कहा और कहा कि दंगाइयों को उनकी जगह दिखाई जाएगी। ईरानी अभियोजक जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने प्रदर्शनकारियों को 'भगवान के दुश्मन' (मोहारे) घोषित किया है, जिसके लिए मौत की सजा हो सकती है। इसके बावजूद, प्रदर्शनकारियों ने अंतिम संस्कारों में भी "खामेनेई को मौत" के नारे लगाए।
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