Nepal: तिब्बत की सीमा से लगे पश्चिमी नेपाल के हिमलुंग हिमालय के बेस कैंप में हिमस्खलन के बाद कम से कम 10 लोग लापता हो गए हैं। अभियान आयोजक मिंगमा ग्यालजे शेरपा ने पुष्टि की कि हिमस्खलन के बाद लापता लोगों में उनके रसोई कर्मचारी भी शामिल हैं। शेरपा के अनुसार, पिछले सप्ताह जारी मौसम चेतावनी के बाद अभियान दल और रस्सी बांधने वाले दल पहाड़ी ढलानों से निकल गए थे, जबकि कुछ लोग अनिच्छा से वहीं रुक गए थे। पर्वतीय क्षेत्र में कई दिनों से भारी बर्फबारी हो रही थी, जिसके कारण पर्वतारोहियों को शरद ऋतु में पर्वतारोहण रद्द करना पड़ा था। रविवार के हिमस्खलन में लापता लोग विभिन्न अभियान कंपनियों से हैं।
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बता दें, नेपाल में शुक्रवार से ही प्रतिकूल मौसम की स्थिति बनी हुई है, जिससे सड़कें बाधित हो गई हैं और स्थानीय अधिकारियों को यातायात के लिए कई रास्ते बंद करने पड़े हैं। पर्यटन अधिकारियों ने बिगड़ते मौसम को देखते हुए ट्रेकर्स और पर्वतारोहियों से अपनी गतिविधियां स्थगित करने का आग्रह किया है। पर्यटन विभाग ने भी पर्यटन गतिविधियों को स्थगित करने की सलाह देते हुए एक अलर्ट जारी किया है। गुरुवार से जारी लगातार बारिश के कारण नेपाल भर में कम से कम 14 लोगों की मौत हो चुकी है।
मालूम हो कि मौसम की यह गड़बड़ी पिछले महीने रसुवा में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हुई है, जिसमें 1,400 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और 5,000 से अधिक लोग लापता हो गए थे। इस आपदा ने त्रिशुली नदी के किनारे बसी बस्तियों को बहा दिया और नेपाल के पर्यटन उद्योग को एक और झटका दिया। तब से लगातार बारिश और हिमपात ने कई ट्रेकिंग मार्गों को बाधित कर दिया है और मनास्लू और धौलागिरी पर प्रमुख अभियानों को रद्द या स्थगित करने के लिए मजबूर किया है।