Drishti Shah Supply Inspector: पारिवारिक जिम्मेदारियां सपनों को छोटा नहीं करतीं, अगर हौसला मजबूत हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं। इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है सीमांत क्षेत्र पीपलकोटी की बेटी दृष्टि शाह ने, जिन्होंने उत्तराखंड लोअर पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर पूर्ति निरीक्षक के पद पर चयनित होकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
दृष्टि 2022 से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थीं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा हिमालयन चिल्ड्रन एकेडमी और सरस्वती शिशु मंदिर पीपलकोटी से हुई, 12वीं राजकीय इंटर कॉलेज पीपलकोटी से और बीएससी देहरादून के डीबीएस कॉलेज से पूरी की। खास बात यह है कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के यह सफलता हासिल की है।
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दृष्टि के पिता प्रमोद शाह की पीपलकोटी में एक छोटी सी चाय की दुकान है, जहां दृष्टि छुट्टियों में हाथ बंटाया करती थीं। पिता ने हमेशा बेटियों को आगे बढ़ने का हौसला दिया। दृष्टि कहती हैं कि उनकी सफलता का श्रेय ईश्वर, दादी, माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सहयोग को जाता है। चयन के बाद उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा में उनकी प्राथमिकता ईमानदारी और निष्ठा के साथ जनता की सेवा करना रहेगी।
सफलता का सफर आसान नहीं था। उन्होंने यूपीएससी सीएपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट की लिखित परीक्षा पास की, लेकिन शारीरिक परीक्षा में कुछ सेकंड से चूक गईं। उत्तराखंड पीसीएस 2024 की अंतिम मेरिट में भी कुछ अंकों से रह गईं, पर हार नहीं मानी। चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर की दृष्टि की दो बड़ी बहनें भी सरकारी सेवा में हैं, एक बैंक पीओ और दूसरी वन आरक्षी हैं। बंड संगठन के पूर्व अध्यक्ष और उनके बड़े भाई अतुल शाह ने कहा कि सीमित संसाधनों में दृष्टि की यह सफलता पूरे बंड क्षेत्र के लिए गौरव की बात है और पहाड़ की बेटियों के लिए प्रेरणा है। पढ़ाई के साथ-साथ दृष्टि सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय रही हैं। पीपलकोटी की ऐतिहासिक रामलीला में उन्होंने महिला पात्र के रूप में लक्ष्मण की भूमिका निभाई थी, जहां पिता के साथ उनके परशुराम-लक्ष्मण संवाद को खूब सराहा गया था।