
नई दिल्ली: जब घमंड़ का अंधेरा छट जाए, लोग एक दूसरे से ईर्शा करना छोड़ दे। जब एक देश दूसरे देश को खुद के सामने छोटा न माने, दव्ष की भावना सबके मन से निकल जाएं तक होगी देश दुनिया में शांति होगी। लोग आराम से आपने जीवन का लुप्त उठा पाएंगे। दिल, दिमाग को भी शांति अमन का माहौल मिलेगा। हम ऐसा इसलिए बोल रहे क्योकि पिछले कुछ महीनों से जिस तरह रुस, यूक्रेन में लगातार युद्ध चल रहा इससे पूरी दुनियों में आशंति का माहौल हो गया इससी के तरज पर आज यानी 21 सितंबर को विश्व भर में अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस मनाया जा रहा है। आपसी भाईचारा तथा सौहार्द को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र संघ की तरफ से इस दिवस को मनाया जाता है।
क्या है अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस का इतिहास
साल 1981 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस मनाने की घोषणा की थी। साल 1982 में सितंबर माह के तीसरे मंगलवार के दिन संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा ही पहली बार अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस मनाया गया था। साल 1982 से 2001 तक यह दिवस विशेष सितंबर के तीसरे मंगलवार को ही मनाया जाता रहा, लेकिन साल 2002 से संयुक्त राष्ट्र ने 21 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस मनाने की घोषणा की। इसके बाद से हर साल 21 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में युद्ध में मारे गये लोगों की स्मृति में एक घंटी बजाई जाती है, जो सभी महाद्वीपों के बच्चों द्वारा दान दिये गये सिक्कों से बनाई गई थी। इस सिक्के के एक पहलू पर लिखा है कि ‘दुनिया भर में लंबे समय तक शांति बनी रहे’।
क्या है इस साल का थीम
इस दिन यूनाइटेड नेशनल जनरल असेंबली (UNGA) राष्ट्रों और लोगों के बीच अहिंसा, शांति और युद्धविराम के आदर्शों को बढ़ावा देने के प्रयास करती है। इस साल अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस की थीम है 'End racism. Build peace.' जिसका अर्थ है 'नस्लोवाद खत्म करें, शांति स्था पित करें'।
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