Pilot Baba death: वायु सेना में पायलट, बॉलीवुड से नाता और फिर सन्यास, कौन थे पायलट बाबा? विवादों से था गहरा नाता

Pilot Baba death: वायु सेना में पायलट, बॉलीवुड से नाता और फिर सन्यास, कौन थे पायलट बाबा? विवादों से था गहरा नाता

Pilot Baba Controversy: लंबे समय तक विवादों से गहरा नाता रखने वाले जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर पायलट बाबा का लंबी बीमारी के बाद मुंबई में निधन हो गया। मंगलवार को उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद जूना अखाड़े से जुड़े भक्तों में शोक की लहर दौड़ गई। पायलट बाबा के जीवन में बहुत सारे अहम मोड़ आए। लंबे समय तक भारतीय वायु सेना में बतौर विंग कमांडर अपनी सेवा देने के बाद उन्होंने सन्यास लेने का फैसला किया था। दुनिया के हर कोने में इनके अनुयायी मौजूद थे। यहां तक की देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पायलट बाबा के सामने शिश नवाते थे। हालांकि, इनका जीवन कई सारे विवादों से भड़ा रहा। पायलट बाबा पर कई मामलों में प्राथमिकता भी दर्ज थी।

भारत पाक युद्ध में हुए थे शामिल

बिहार के रोहतास जिले के सासाराम के रहने वाले पायलट बाबा का असली नाम कपिल सिंह था। बचपन से ही वो पढ़ाई में काफी मेझधावी छात्र थे। इसलिए उन्होंने आगे जाकर एयरफोर्स में पायलट बने और अपनी काबिलियत के बल पर कुछ ही दिनों में वो प्रमोशन पाकर विंग कमांडर बन गए। पायलट बाबा ने अपने सेवाकाल में भारत चीन युद्ध और दो बार भारत पाक युद्ध का हिस्सा रहे। हालांकि, 1971 भारत पाक युद्ध के दौरान उनके साथ ऐसी घटना घटी, जिसके बाद उन्होंने सन्यास लेने का फैसला लिया। वह एक किताब का उस पल का जिक्र करते हुए लिखते हैं कि साल 1971 भारत पाख युद्ध में उनके प्लेन मिग-21 में कुछ तकनीकी खराबी आ गई थी। इस दौरान उन्होंने अपने गुरु को याद किया। इसके तुरंत बाद ही उनके गुरु कॉकपिट में आ गए और विमान का सुरक्षित लैंडिग करने में मदद की। इसी घटना के बाद कपिल सिंह के मन में वैराग्य आने लगा और फिर युद्ध खत्म होने के कुछ ही दिनों बाद उन्होंने वीआरएस लेकर सन्यास की ओर चल पड़े। साल 1974 में पूरी विधि विधान के साथ सन्यास लिया और फिर जूना अखाड़े में जाकर शामिल हो गए। साल 1998 में उन्होंने जूना अखाड़े में महामंडलेश्वर का पद संभाला। फिर साल 2010 में पायलट बाबा ने उज्जैन के प्राचीन जूना अखाड़ा शिवगिरी आश्रम नीलकंठ मंदिर में पीठाधीश्वर का पद ग्रहण किया।

प्रधानमंत्री भी आगे होते थे नतमस्तक

वायु सेना में वीआरएस लेने के बाद वो कुछ समय तक बॉलीवुड में भी रहे। उन्होंने एक फूल दो माली जैसी प्रसिदध फिल्मों भी काम किया। सन्यास के मार्ग को अपनाने के बाद उन्होंने मनीषा कोयराला को दिक्षा भी दी। हालांकि, उनके सामने पीएम मोदी, बिहार का सीएम नीतीश कुमार समेत अन्य कई बड़े राजनेता शिश झुकाते थे।

विवादों से रहा गहरा नाता

पायलट बाबा का विवादों भी गहरा नाता रहा। उन्होंने ऊपर कई मामले भी दर्ज हुए। नौकरी के दौरान उनपर कई बार मनमानी करने के आरोप लगे। साथ ही साल 2010 कुंभ के दौरान उनपर लोगों को वाहन से कुचलने का भी आरोप लगा था। जानकारी के अनुसार, 14 अप्रैल 2010 को जब वो शाही स्नान के लिए जब पायलट बाबा का काफिला निकला तो कई लोग वाहनों से कुचल गए थे। वहीं कई लोग जान बचाने के लिए नदी में कूदे तो बह गए। इस संबंध में उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया। 

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