सप्लीमेंट्स का करते हैं इस्तेमाल तो हो जाए सावधान, डॉक्टर ने बताया कड़वा सच

supplement risks: क्या आप भी सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल एक 'इरेजर' की तरह कर रहे हैं, ताकि अपनी खराब डाइट के असर को मिटा सकें? हम अक्सर सोचते हैं कि खराब खाना खाने के बाद एक गोली लेने से सब ठीक हो जाएगा और हमारा 'गिल्ट' दूर हो जाएगा, लेकिन कड़वा सच यह है कि यह तरीका बिल्कुल भी सही नहीं है। आइए, इस बारे में अपोलो हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार की राय जानते हैं।
खाने की बराबरी नहीं कर सकती एक गोली
डॉ. सुधीर कुमार ने कहा कि असली भोजन में फाइबर और फाइटोन्यूट्रिएंट्स का एक बहुत ही कॉम्प्लेक्स मैट्रिक्स होता है। प्रकृति ने खानपान को जिस तरह बनाया है, कोई भी गोली या सप्लीमेंट उसकी हूबहू नकल नहीं कर सकता। जी हां, डॉ. सुधीर कुमार का कहना है कि एक छोटी-सी गोली असली खाने के गुणों की बराबरी कभी नहीं कर सकती।
इन तीन नियमों का पालन करना करें
अपनी डाइट का 90% हिस्सा असली और बिना प्रोसेस किए हुए भोजन से बनाएं।
सिर्फ अंदाजे से सप्लीमेंट्स न लें। अपना ब्लड टेस्ट करवाएं ताकि पता चल सके कि आपके शरीर में असल में किस चीज की कमी है।
सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल केवल एक टूल की तरह करें, ताकि वे उन खास कमियों को पूरा कर सकें जो ब्लड रिपोर्ट में सामने आई हैं।
हमेशा याद रखें, आपकी सेहत की कहानी में सप्लीमेंट्स केवल एक 'साइडकिक' हैं, असली 'हीरो' नहीं। हीरो हमेशा आपका असली भोजन ही रहेगा।
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