
नई दिल्ली: दुनिया में शायद ही कोई ऐसा शख्स हो जिसे फिल्में देखना या गाना सुनना पसंद न हो, लेकिन क्या आप इस बात को जानते है कि भारत का पहला सिनेमाघर कब और कहां निर्मित किया गया था। वहीं आज हम आपको भारत के पहले सिनेमाघर के बारे में बताने वाले है जिस के बारे में ज्यादा लोगों नहीं जनते है।
बता दें कि, भारत का पहला सिनेमाघर पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थापित किया गया था। इसे साल 1907 में बनाया गया था। इसके अलावा बात करें इस सिनेमाघर के बारे में तो इसका नाम चैपलिन सिनेमा रखा गया था और ये सबसे पुराना सिंगल स्क्रीन मूवी थिएटर था। इसके साथ साल 1907 में जमशेदजी राम जी मदन ने भारत में ये सिनेमाघर खोला, लेकिन जैसे-जैसे समय बीता वैसे-वैसे फिल्म और सिनेमा हॉल का स्वरूप बदलता गया।
1907 में बना था पहला सिनेमा हॉल
वहीं इस हॉल की स्थापना साल 1907 में जमशेदजी राम जी मदन ने एलफिंस्टन पिक्चर पैलेस में की थी। इस थिएटर में उत्तम कुमार के पिता द्वारा प्रोजेक्टर चलाया जाता था।बाद में इसका नाम बदलकर मिनर्वा सिनेमा कर दिया गया। कलकत्ता नगर निगम के जरिए इसे ओवरहाल करने और 1980 के दशक में चैपलिन में नामकरण किए जाने से पहले मूवी थिएटर की स्थिति खराब हो गई थी। कई वर्षों तक नॉन-फंक्शनल रहने के बाद साल 2013 में नगर निगम के जरिए थिएटर को ध्वस्त कर दिया गया था।
कई भाषाओं में बनने लगी थी फिल्में
भारतीय सिनेमा का परिदृश्य समय के साथ-साथ इतना बदल गया कि इसने लोगों को थिएटर तक खींचना शुरू कर दिया। कई भाषाओं में फिल्में बनने लगी। भारतीय सिनेमा की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां सभी भाषाओं को मिलाकर हर साल कुल 1, 600 तक फिल्में बनी है।
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