Brij Bhushan Case: रेसलिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (WFI) के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह ने सोमवार को महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में खुद को और WFI के पूर्व असिस्टेंट सेक्रेटरी विनोद तोमर को बरी करने के कोर्ट के फ़ैसले का स्वागत किया। फैसले के बाद सिंह ने कहा कि उन्होंने शुरू से ही यह बात कही थी कि अगर उन पर कोई आरोप साबित होता है, तो वह उसके नतीजे भुगतने के लिए तैयार हैं।
बृजभूषण शरण सिंह ने इस फ़ैसले को अपने और अपने समर्थकों के लिए खुशी की बात बताते हुए WFI के पूर्व प्रमुख ने अपनी कानूनी टीम का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने ने कहा कि इस मामले पर आगे कोई भी टिप्पणी करने से पहले वह कोर्ट के विस्तृत फैसले का इंतजार करेंगे। सिंह ने कहा, "पहले दिन, जब मेरा पहला बयान आया था, तो मैंने कहा था कि अगर कोई फ़ैसला या कोई आरोप साबित होता है, तो मैं खुद को फांसी लगा लूंगा। आज, कोर्ट ने मुझे सम्मान के साथ बरी कर दिया है। यह मेरे और मेरे समर्थकों के लिए खुशी की बात है। आज खुशी का दिन है।
यह मामला महिला पहलवानों द्वारा WFI प्रमुख के तौर पर सिंह पर लगाए गए आरोपों से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस ने 2023 में सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें उन पर महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न, हमला या आपराधिक बल का इस्तेमाल और आपराधिक धमकी जैसे आरोप लगाए गए थे। इस मामले में तोमर को भी सह-आरोपी बनाया गया था। पिछले महीने, कोर्ट ने महिला पहलवानों के आरोपों से जुड़े मामले में फैसला सुनाने के लिए 3 अगस्त की तारीख तय की थी। सुनवाई बंद कमरे में हुई।
दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें पूरी होने के बाद अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्वनी पंवार ने अभियोजन और बचाव पक्ष की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। कोर्ट ने वकीलों को दो सप्ताह के भीतर अपनी लिखित दलीलें दाखिल करने का निर्देश भी दिया है।