Naresh Balyan Bail Reject: दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व विधायक नरेश बाल्यान की जमानत याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति मनोज जैन ने बलियान की याचिका खारिज करते हुए आदेश पारित किया। दरअसल, पूर्व विधायक पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत मामला दर्ज है, जिसमें उन पर फरार गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू के नेतृत्व वाले एक संगठित अपराध गिरोह से संबंध होने का आरोप है।
मालूम हो कि नरेश बाल्यान आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व विधायक हैं, जिन्होंने दिल्ली उत्तम नगर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। वर्तमान MCOCA मामले में गिरफ्तारी से पहले वे इसी क्षेत्र से विधायक थे। बता दें, नरेश बाल्यान को दिल्ली पुलिस अपराध शाखा ने 04 दिसंबर, 2024 को गिरफ्तार किया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, वह कपिल सांगवान द्वारा चलाए जा रहे एक संगठित अपराध गिरोह से जुड़े थे। ये आरोप अन्य सबूतों के साथ-साथ एक ऑडियो रिकॉर्डिंग पर आधारित हैं, जिसमें कथित तौर पर बलियान और गैंगस्टर के बीच मोबाइल फोन पर हुई बातचीत है।
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नरेश बाल्यान के आरोपों को बताया निराधार
सुनवाई के दौरान, नरेश बाल्यान की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका एम जॉन ने तर्क दिया कि आरोप निराधार हैं और उन्होंने दिल्ली की एक निचली अदालत के हालिया आदेश का हवाला दिया, जिसने इसी ऑडियो क्लिप से जुड़े जबरन वसूली के मामले को बंद कर दिया था। 31 जुलाई को राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली पुलिस द्वारा बालियान के खिलाफ दर्ज जबरन वसूली का मामला बंद कर दिया। अपने आदेश में, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस दलाल ने टिप्पणी की कि अभियोजन पक्ष बालियान की संलिप्तता साबित करने के लिए "एक भी सबूत" पेश करने में विफल रहा है।
बालियान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका एम. जॉन की सहायता से अधिवक्ता जतन सिंह, विवेक जैन, रोहित कुमार, सादिक नूर और प्रवीर सिंह उपस्थित थे। जबकि राज्य की ओर से विशेष वकील अमित प्रसाद, विशेष लोक अभियोजक अखंड प्रताप सिंह और अधिवक्ता हृतविर्क मौर्य, अयोध्या प्रसाद और उत्कर्ष सिंह उपस्थित थे।