पूर्वोत्तर में मॉनसून ने मचाई तबाही, बाढ़ और भूस्खलन से 43 लोगों की जिंदगियां खत्म; सात लाख लोग प्रभावित

पूर्वोत्तर में मॉनसून ने मचाई तबाही, बाढ़ और भूस्खलन से 43 लोगों की जिंदगियां खत्म; सात लाख लोग प्रभावित

Northeast Weather: पूर्वोत्तर भारत में मॉनसून की भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। 4 जून तक की ताजा जानकारी के अनुसार, इस आपदा में करीब 43 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि लगभग सात लाख लोग प्रभावित हुए हैं। असम में स्थिति सबसे गंभीर है, जहां 21 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। ऐसे में मौसम विभाग ने असम के 11 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।

असम में बाढ़ का कहर

असम में ब्रह्मपुत्र, बराक और उनकी सहायक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, 21 जिलों में 6.32 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित जिले श्रीभूमि धुबरी और कछार हैं। एक रिपोर्ट की मानें तो बाढ़ ने 1,254 गांवों को जलमग्न कर दिया है और 800 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि नष्ट हो चुकी है।

साथ ही, सड़क, रेल और नौका सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। वहीं, गुवाहाटी में भारी जलभराव और भूस्खलन की घटनाएं भी दर्ज की गईं हैं। जिसमें कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले में पांच लोगों की मौत हुई, जिनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। मौसम विभाग ने चिरांग, बक्सा, बारपेटा, बोंगाईगांव, बजाली, तामुलपुर, दरांग, उदलगुड़ी, धुबरी, दक्षिण सलमारा और कोकराझार के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। IMD ने अगले 48 घंटों तक भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी दी है।

अन्य राज्यों के हाल

मेघालय में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने 49 गांवों को प्रभावित किया। जबकि 07 लोगों की मौत हुई। वहीं, मणिपुर में 4,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए और 880 से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है। सेना और असम राइफल्स ने 800 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया। अरुणाचल प्रदेश में भूस्खलन से 09 लोगों की मौत हुई। जिनमें पूर्वी कामेंग जिले में एक कार के खाई में गिरने से सात लोग शामिल हैं। सिक्किम के लाचेन में भूस्खलन से 06 सैनिक लापता हैं। वहीं, तीस्ता नदी में वाहन बहने से 08 लोग लापता हैं।

राहत और बचाव कार्य

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), सेना, और असम राइफल्स युद्धस्तर पर राहत कार्य में जुटे हैं। असम में 269 राहत शिविरों में 53,689 लोग शरण लिए हुए हैं। जबकि 3,15,520 लोगों को गैर-राहत शिविरों में सहायता दी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम, मणिपुर, और सिक्किम के मुख्यमंत्रियों से बात कर केंद्र से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

कैसी है मौसम की स्थिति?

IMD के अनुसार, बांग्लादेश के ऊपर बने दबाव के कारण पूर्वोत्तर में भारी बारिश हो रही है। मॉनसून, जो आठ दिन पहले आया, 11 जून से फिर गति पकड़ सकता है। IMD ने चेतावनी दी कि 05 जून तक बारिश और भूस्खलन का खतरा बना रहेगा।

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