Uttrakhand News: भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा, उत्तराखंड की प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट के कार्यकाल का एक वर्ष पूरा हो गया है। पार्टी के अनुसार, इस दौरान महिला मोर्चा ने संगठनात्मक विस्तार, महिला सशक्तिकरण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और जनसंवाद के क्षेत्र में कई पहल कीं। महिला मोर्चा ने बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के साथ ही महिलाओं को सरकार की योजनाओं से जोड़ने और उनकी सामाजिक एवं राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
रुचि भट्ट के नेतृत्व की प्रमुख विशेषता संगठन और समाज के बीच सीधे संवाद को बताया गया है। बीते एक वर्ष में उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों और मंडलों का प्रवास कर महिला कार्यकर्ताओं, स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमियों और आम महिलाओं से संवाद किया। टिहरी प्रवास के दौरान उन्होंने महिला उद्यमिता, स्थानीय उत्पादों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण रोजगार से जुड़ी गतिविधियों का भी अवलोकन किया।
लखपति दीदी सम्मेलनों पर जोर
महिला आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए प्रदेशभर में लखपति दीदी सम्मेलनों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार, सरकारी योजनाओं, ऋण सुविधाओं और स्थानीय उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास किया गया। बेहतर कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित कर अन्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ने महिला सशक्तिकरण को आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए लगातार यह संदेश दिया कि महिलाओं की मजबूती के लिए उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना जरूरी है।
46 विधानसभाओं में पहुंच
संगठनात्मक स्तर पर महिला मोर्चा ने प्रवास, संवाद, सम्मेलन और जनजागरूकता अभियानों को प्राथमिकता दी। पार्टी के मुताबिक, रुचि भट्ट ने अपने कार्यकाल में 46 विधानसभा क्षेत्रों में महिलाओं तक पहुंच बनाई। प्रदेश कार्यकारिणी की बैठकों में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति की महिलाओं तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ताओं को घर-घर संपर्क का आह्वान किया गया।
महिला मोर्चा ने सरकार की महिला हितैषी योजनाओं और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ सामाजिक और समसामयिक मुद्दों पर भी सक्रिय भूमिका निभाई।
संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ताओं से संवाद
रुचि भट्ट के नेतृत्व में महिला मोर्चा ने महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज को मुखर करने के लिए प्रदेशव्यापी कार्यक्रम और अभियान आयोजित किए। चंपावत प्रकरण समेत विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर भी प्रदेशभर में कार्यक्रम किए गए।
उनके नेतृत्व की एक अन्य विशेषता कार्यकर्ताओं के साथ सीधे और आत्मीय संवाद को बताया गया है। मंडल स्तर की महिला कार्यकर्ताओं से लेकर स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिला उद्यमियों तक, संगठन के स्तर पर सीधा संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया गया।
रक्षाबंधन जैसे सामाजिक पर्वों को भी महिला मोर्चा ने सामाजिक संवाद और संगठनात्मक जुड़ाव के माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया। इन कार्यक्रमों में महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश दिया गया।
आगामी चुनावों पर नजर
भाजपा महिला मोर्चा के अनुसार, बीते एक वर्ष में संगठनात्मक मजबूती के साथ महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार, स्थानीय उत्पाद, स्वयं सहायता समूहों और सरकारी योजनाओं की जानकारी को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महिला कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया है।
आगामी विधानसभा चुनावों की दृष्टि से भी महिला मोर्चा के इस संगठनात्मक विस्तार को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बूथ स्तर तक महिला कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और प्रदेश की महिलाओं को भाजपा की विकास एवं जनकल्याण की विचारधारा से जोड़ना संगठन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश मीडिया संयोजक डॉ. दिव्या नेगी ने कहा कि रुचि भट्ट के नेतृत्व में महिला मोर्चा ने संगठन को नई ऊर्जा देने के साथ महिलाओं के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में काम किया है।
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