Uttarakhand News: उत्तराखंड के टिहरी जनपद के घनसाली क्षेत्र में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर लोगों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। रविवार देर शाम को घनसाली स्वास्थ्य जनसंघर्ष मोर्चा के बैनर तले क्षेत्रवासियों ने घनसाली बैरियर पर मशाल जुलूस निकालकर स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग तथा क्षेत्रीय विधायक शक्ति लाल शाह का पुतला दहन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए पर्वतीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने की मांग उठाई। आक्रोशित लोगों का कहना था कि पहाड़ों में आज भी समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिसके कारण लोगों की जान जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई हुई हैं।
दरअसल, बीते शनिवार को भिलंगना ब्लॉक के होल्टा गांव निवासी 28 वर्षीय बबीता देवी की पहाड़ी से गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल होने के बाद मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने किसी तरह उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उनकी हालत नाजुक देखते हुए उच्च अधिकारियों से एयरलिफ्ट के लिए हेलीकॉप्टर की मांग की थी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी की चिकित्सक डॉ. उषा भट्ट ने बताया कि हेलीकॉप्टर पहुंचने में केवल 10 मिनट का समय शेष था, लेकिन अस्पताल से हेलीपैड तक ले जाते समय ही बबीता देवी ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। मशाल जुलूस में शामिल लोगों ने कहा कि यदि समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और त्वरित एयर रेस्क्यू व्यवस्था उपलब्ध होती तो बबीता देवी की जान बचाई जा सकती थी। प्रदर्शनकारियों ने पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, पर्याप्त डॉक्टरों की तैनाती और आपातकालीन एयर एंबुलेंस व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। जिला पंचायत सदस्य व घनसाली जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष अनुज शाह ने कहा कि ये कोई नया मामला नहीं है हम पहले भी बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के खिलाफ 52 दिनों तक धरने पर बैठ चुके हैं, उन्होंने कहा कि अगर आज घनसाली के पास उप जिला अस्पताल होता तो आज लोग बेमौत न मरते , जिनको घनसाली की जनता ने विधानसभा में भेजा वो आज गहरी नींद सो रखे हैं, वहीं उन्होंने कहा की घनसाली में लगातार हो रही मौते क्षेत्रीय विधायक व सरकार की नाकामी की वजह से हो रही, अगर टाइम पर एयर लिफ्ट की व्यवस्था हो जाती तो बबीता की जान बच सकती थी।
जिला पंचायत सदस्य विक्रम घणाता ने कहा कि बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के कारण हमारी जवान बहिनें अपनी जान गंवा रही है, एक तरफ सरकार पलायन रोकने की बात कही है दूसरी और पहाड़ों की लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के लोगों को बेमौत की मौत मरना पड़ रहा है और लोग पलायन को मजबूर हो रहे हैं। वहीं उन्होंने स्पष्ट कहा कि इन मौतों का जिम्मेदार स्थानीय विधायक शक्ति लाल शाह है क्योंकि वो आज तक पर जिला अस्पताल के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं कर रहे हैं। घनसाली जन संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप आर्य ने कहा कि ढाई घंटे में भी हैलीकॉप्टर नहीं पहुंच पाया तो ये सरकार सबसे बड़ी नाकामी है, उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार देशभर में पोस्टर बाजी कर बता रहे हैं कि ढाई घंटे में देहरादून से दिल्ली पहुंच सकते हैं लेकिन ढाई घंटे में पिथौरागढ़ से पिलखी एयर एंबुलेंस नहीं पहुंच पाई, उन्होंने कहा कि ये विधायक की नाकामी है कि घनसाली में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के आभाव से बेमौत मरना पड़ रहा है।
जन संघर्ष मोर्चा की सदस्य सुनीता रावत ने कहा कि एक बाद एक जाने जा रही है लोगों की मौत नहीं हो रही बल्कि उनका हत्या की जा रही, उन्होंने विधायक पर तंज कसते हुए कहा कि अगर विधायक के घर के किसी सदस्य की इस तरह मौत होती तो तब उनको दर्द होता लेकिन विधायक को कोई फर्क नहीं पड़ता, जवान बहिनों के छोटे छोटे बच्चे अनाथ हो गए हैं लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है।