Uttarakhand News: पलायन और सीमित रोजगार की चुनौती के बीच उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बागवानी आज आजीविका का सशक्त माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित बागवानी एवं किसान हितैषी योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आयवृद्धि का नया आधार तैयार कर रही हैं। जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड थलीसैंण के सुकई (बंज्वाड़) गांव निवासी दीनदयाल बिष्ट इसकी प्रेरणादायक मिसाल हैं।
दीनदयाल बिष्ट वर्तमान में विकासखंड बीरोंखाल स्थित राजकीय इंटर कॉलेज बैंजरो में रसायन विज्ञान के प्रवक्ता हैं। कोविड लॉकडाउन के दौरान उन्होंने अपने गांव की अनुपयोगी भूमि का सदुपयोग करने का निर्णय लिया और वैज्ञानिक पद्धति से सेब एवं कीवी की बागवानी शुरू की। शुरुआत एक छोटे प्रयास के रूप में हुई, लेकिन आज यह उनकी अतिरिक्त आय का सशक्त स्रोत बन चुकी है।
जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भांडाडी ने बताया कि जनपद में सेब, कीवी सहित उच्च मूल्य वाली फल बागवानी को बढ़ावा देने के लिए किसानों को तकनीकी परामर्श, प्रशिक्षण तथा विभागीय योजनाओं के माध्यम से आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की जलवायु इन फसलों के लिए अत्यंत अनुकूल है और किसान वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर कम भूमि में भी बेहतर उत्पादन एवं आय प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर बागवानी को अपनाने का आह्वान किया।