Search KhabarFast

Press ESC to close

Uttarakhand News: राज्यसभा में बोले महेंद्र भट्ट, विनियोग विधेयक को बताया ‘विकसित भारत’ के संकल्प को मजबूत करने वाला कदम

Uttarakhand News: राज्यसभा में बोले महेंद्र भट्ट, विनियोग विधेयक को बताया ‘विकसित भारत’ के संकल्प को मजबूत करने वाला कदम

Uttarakhand News: राज्यसभा सांसद एवं प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने राज्यसभा में विनियोग विधेयक बोलते हुए इसे केवल व्यय की स्वीकृति नहीं, बल्कि विकसित भारत संकल्प को सशक्त करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। साथ ही उत्तराखंड सहित देशभर में सड़क, रेल, पर्यटन, सीमा क्षेत्र विकास, जल जीवन मिशन, डिजिटल कनेक्टिविटी और जनकल्याणकारी योजनाओं में हो रहा निवेश की दृष्टि से इसे महत्वपूर्ण कहा। आज सदन में विनियोग विधेयक संख्या 3, 2026 के समर्थन में अपने विचार व्यक्त करने हुए उन्होंने कहा कि यह विधेयक केवल धन के आवंटन का विधेयक नहीं है, बल्कि यह सरकार की विकास दृष्टि, वित्तीय अनुशासन और जन कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को का दस्तावेज है। संविधान के अनुच्छेद 114 के अंतर्गत संसद की स्वीकृति के बिना भारत की संचित निधि से कोई व्यय नहीं किया जा सकता, इसलिए यह विधेयक संसद की वित्तीय सर्वोच्चता और लोकतांत्रिक जवाबदेही का प्रतीक है। 

अर्थव्यवस्था अनेक चुनौतियों से गुजर रही

अध्यक्ष आज जब विश्व अर्थव्यवस्था अनेक चुनौतियों से गुजर रही है भू-राजनीतिक तनाव, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता ऐसे समय में भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। यह सरकार की दूरदर्शी आर्थिक नीति का परिणाम है। इसके माध्यम से सरकार उन व्ययों के लिए संसद की अनुमति चाहती है जो राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सुरक्षा, बुनियादी ढाँचे, राष्ट्रीय सुरक्षा, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और गरीब कल्याण जैसे क्षेत्रों में किए जाने हैं।

यह धन किसी दल या सरकार का नहीं है, यह देश के करदाताओं का धन है। इसलिए इसका उपयोग पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणामोन्मुख तरीके से होना चाहिए। मोदी सरकार ने पिछले वर्षों में इसी पद्धति का पालन किया है। आज भारत में सरकारी व्यय की संस्कृति बदल चुकी है। पहले योजनाएँ बनती थीं, घोषणाएँ होती थीं और धन बीच के रास्ते में ही गायब हो जाता था। आज डिजिटल गवर्नेंस, DBT, PFMS, GEM पोर्टल आधारित भुगतान प्रणाली तथा पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम ने प्रत्येक रुपये का हिसाब सुनिश्चित किया है।

इन ​तीन बातों का किया उल्लेख

उन्होंने विशेष रूप से तीन बातों का उल्लेख करते हुए कहा,पहला वित्तीय अनुशासन, जिसमें मोदी सरकार ने यह सिद्ध किया है कि विकास और वित्तीय अनुशासन साथ-साथ चल सकते हैं। राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करते हुए पूँजीगत व्यय में लगातार वृद्धि की गई है। इसका परिणाम है कि देशभर में एक्सप्रेस-वे बन रहे हैं, रेलवे का आधुनिकीकरण हो रहा है, वंदे भारत ट्रेनों का विस्तार हो रहा है, नए एयरपोर्ट विकसित हो रहे हैं, बंदरगाहों और लॉजिस्टिक नेटवर्क को मजबूती मिल रही है। यह खर्च केवल व्यय नहीं, बल्कि भविष्य का निवेश है।

प्रधानमंत्री आवास योजना का किया उल्लेख

दूसरा है गरीब कल्याण, जिसके तहत सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि सरकारी धन का सबसे बड़ा लाभ गरीबों तक पहुंचे। प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, मुफ्त राशन योजना, विश्वकर्मा योजना, स्वनिधि योजना—इन सभी योजनाओं ने करोड़ों परिवारों का जीवन बदला है। पहले लाभार्थी खोजने पड़ते थे, अब लाभ सीधे लाभार्थी के खाते में जा रहा है। और तीसरा है समावेशी विकास, जिसपर सरकार का स्पष्ट मत है कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास।

ऑल वेदर रोड परियोजना

आज पूर्वोत्तर हो, सीमांत क्षेत्र हो, आदिवासी क्षेत्र हो, पर्वतीय क्षेत्र हो, हर क्षेत्र में अभूतपूर्व निवेश किए जा रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य का संदर्भ लेते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में ऑल वेदर रोड परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, चार धाम संपर्क मार्ग, रोपवे परियोजना, जल जीवन मिशन, डिजिटल कनेक्टिविटी, आपदा प्रबंधन, सीमा क्षेत्रों का विकास और पर्यटन अवसंरचना में अभूतपूर्व निवेश का काम किया है। उन्होंने अनुरोध किया कि सरकार जो भी खर्च के लिए धनराशि लेती है, वह धनराशि देश के विकास और समृद्धि के लिए आगे बढ़ रही है। लिहाजा विधेयक को पारित करते हुए आगे बढ़ाया जाए।

Also read: दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर से जुड़े बाईपास का निरीक्षण, अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य

Leave Your Comments



संबंधित समाचार

दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर से जुड़े बाईपास का निरीक्षण, अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर से जुड़ी 12 किलोमीटर लंबी निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड चार लेन बाईपास परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।

रोहतक और अंबाला को मिले नए उपायुक्त, हरियाणा सरकार ने दो आईएएस अधिकारियों के किए तबादले

हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए तत्काल प्रभाव से दो आईएएस अधिकारियों के तबादला एवं नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आदेश जारी किए।

लाइव अपडेट

बड़ी खबरें

Khabar Fast