Uttarakhand News: उत्तराखंड के हरिद्वार में भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा के संगम की नई शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ग्राम औरंगाबाद स्थित पतंजलि वेलनेस योगग्राम में प्रथम पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने योगगुरु स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण और पतंजलि परिवार को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रमुख केंद्र है और यहां गुरुकुलम् की स्थापना भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक युग से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुकुल शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन, चरित्र निर्माण और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करती है। गुरुकुलम् में आधुनिक विज्ञान और तकनीक के साथ योग, आयुर्वेद, भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों का समन्वय किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का जिक्र करते हुए कहा कि आधुनिकता और परंपरा एक-दूसरे की विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को पर्यटन के साथ ज्ञान, योग, आयुर्वेद और अध्यात्म का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में सरकार काम कर रही है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, रवि बहादुर, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और पतंजलि संस्थान के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।