
Jyoti Suicide Case, Sharda University: ग्रेटर नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी में बीडीएस की सेकंड ईयर की छात्रा ज्योति शर्मा की आत्महत्या ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है। दरअसल, 21वर्षीय ज्योति ने अपने हॉस्टल के कमरे में पंखे से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। सुसाइड नोट में उसने दो प्रोफेसरों और यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। हॉस्टल के छात्रों की सूचना पर प्रशासन ने पुलिस को बुलाया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और दो स्टाफ को हिरासत में लिया। इसी बीच, ज्योति की मां ने यूनिवर्सिटी के हेड ऑफ डिपार्टमेंट (HOD) को थप्पड़ जड दिया। वहीं, मामले को शांत करने के लिए पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करना पड़ा।
क्या है पूरा मामला?
बता दें, ज्योति शर्मा हरियाणा के गुरुग्राम की निवासी थीं। जो शारदा यूनिवर्सिटी में बीडीएस की सेकंड ईयर की छात्रा थी। उसने अपने मंडेला गर्ल्स हॉस्टल के 12वीं मंजिल के कमरे में आत्महत्या की। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें ज्योति ने यूनिवर्सिटी के दो प्रोफेसरों, डॉ. महेंद्र सिंह चौहान और डॉ. शैरी वशिष्ट, पर मानसिक उत्पीड़न और अपमान का आरोप लगाया। नोट में ज्योति ने लिखा 'अगर मेरी मौत हुई तो इसके लिए पीसीपी और डेंटल मटेरियल के टीचर जिम्मेदार होंगे। महेंद्र सर और शायरा मैम मेरी मौत की जिम्मेदार हैं। उन्होंने मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, अपमानित किया। मैं उनकी वजह से लंबे समय से डिप्रेशन में हूं। मैं चाहती हूं कि उन्हें भी यही सब सहना पड़े। सॉरी, मैं अब और नहीं जी सकती।'
ज्योति की मां का फूटा गुस्सा
ज्योति की आत्महत्या की खबर मिलने और सुसाइड नोट के मिलने के बाद उसके परिजनों और छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया। इस दौरान ज्योति की मां सुनिता अपना आपा खो बैठी और उन्होंने दंत चिकित्सा विभाग के HOD को थप्पड़ मार दिया। इसके अलावा इस घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि गुस्साई भीड़ ने HOD के साथ हाथापाई की कोशिश की। जिस वजह से पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
इस मामले में ज्योति की मां ने कहा 'मेरी बेटी को शिक्षक कहते थे, 'तुम तो खुद सिग्नेचर कर लेती हो, हमारी क्या जरूरत है? हम तुम्हें फेल कर देंगे।' मेरी बेटी दिन में 3-5बार मुझे और अपने पिता को फोन करती थी। वह बहुत तनाव में थी। मुझे मेरी बेटी के लिए न्याय चाहिए।' वहीं, मृतका के भाई ने भी दावा किया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उनकी बहन को लगातार प्रताड़ित किया, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया।
पुलिस ने किया लाठीचार्ज
प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज भी किया। पुलिस की इस कार्रवाई ने परिजनों और छात्रों के बीच और आक्रोश पैदा कर दिया। ज्योति की मां और भाई ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके परिवार और प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठियां चलाईं, जो गलत था।
वहीं, ग्रेटर नोएडा के एडिशनल डीसीपी सुधीर कुमार ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो नामजद प्रोफेसरों, डॉ. महेंद्र सिंह चौहान और डॉ. शैरी वशिष्ट को हिरासत में लिया है। परिजनों की शिकायत के आधार पर कॉलेज के डीन, प्रोफेसरों सहित सात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सुसाइड नोट के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
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