
Haryana News: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, बागवानी को प्रोत्साहित करने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए निरंतर दूरदर्शी और किसान हितैषी नीतियां लागू कर रही है।
कृषि मंत्री ने बताया कि हरियाणा बागवानी नर्सरी एक्ट–2025 को लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य फलों, फूलों, सब्जियों, औषधीय पौधों एवं अन्य बागवानी फसलों के उच्च गुणवत्ता वाले पौधे किसानों और उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराना है। यह अधिनियम नर्सरियों में गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करेगा और किसानों को बागवानी की ओर आकर्षित करेगा, जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि होगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना (एम.बी.बी.वाई.) की जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना 1 जनवरी 2021 से लागू है, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, प्रतिकूल मौसम और जलवायु असंतुलन से होने वाले नुकसान से किसानों की फसलों को सुरक्षा प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत राज्य में 46 बागवानी फसलें शामिल हैं। फलों और सब्जियों के लिए 750 से 1,000 रुपये प्रति एकड़ प्रीमियम लिया जाता है, जबकि नुकसान की स्थिति में सब्जियों व मसाला फसलों के लिए 30,000 रुपये तथा फलों के लिए 40,000 रुपये तक मुआवजा दिया जाता है।
राणा ने बताया कि हरियाणा सरकार ने बागवानी के सतत विकास के लिए जाइका (JICA) सहायता प्राप्त परियोजना को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना की कुल लागत 2,738.40 करोड़ रुपये है, जिसमें 2,105.40 करोड़ रुपये जाइका का अंश तथा 632.90 करोड़ रुपये राज्य सरकार का हिस्सा है। यह परियोजना 9 वर्षों में दो चरणों में लागू की जाएगी और इससे प्री-हार्वेस्ट तथा पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन सहित संपूर्ण बागवानी आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत किया जाएगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि इन पहलों के माध्यम से हरियाणा सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और राज्य को कृषि नवाचार का केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
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