
Barabanki Temple Stampede: सावन के तीसरे सोमवार को उत्तर प्रदेश के बाराबंकी स्थित औसानेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक के दौरान रविवार देर रात करीब 2बजे अचानक करंट फैलने से भगदड़ मच गई। इस हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौके पर मौत हो गई, जबकि कई घायल हो गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और भारी पुलिस बल तैनात किया।
बाराबंकी के औसानेश्वर मंदिर में करंट से हादसा
सावन के तीसरे सोमवार को बाराबंकी के औसानेश्वर महादेव मंदिर में रविवार देर रात करीब 2बजे जलाभिषेक के दौरान अचानक भगदड़ मच गई, जिसमें दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 29लोग घायल हो गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। डीएम शशांक त्रिपाठी ने बताया कि बंदरों के बिजली के तार पर कूदने से तार टूट गया और मंदिर के टिन शेड पर गिरने से करंट फैल गया, जिसके चलते भगदड़ मच गई। उस समय मंदिर में लगभग 3,000श्रद्धालु लाइन में थे। पुलिस ने तुरंत घायलों को त्रिवेदीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां मुबारकपुरा निवासी प्रशांत (22) और एक अन्य व्यक्ति की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। पांच गंभीर रूप से घायलों को अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया। दो घंटे बाद मंदिर में स्थिति सामान्य हो गई, और श्रद्धालु फिर से जलाभिषेक के लिए कतार में लग गए।
हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भीषण भगदड़
इसी तरह, रविवार सुबह 9:15 बजे हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में भी भगदड़ मचने से 8लोगों की मौत हो गई और 30से अधिक लोग घायल हो गए। यह मंदिर पहाड़ पर स्थित है, जहां पहुंचने के लिए करीब 800 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। प्रत्यक्षदर्शी संतोष कुमार ने बताया कि हादसा तब हुआ जब श्रद्धालु मंदिर तक पहुंचने के लिए मात्र 25 सीढ़ियां चढ़ने से बचे थे। सावन के सोमवार को इस मंदिर में करीब 2 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, और हादसे के समय भी भारी भीड़ थी। इन दोनों घटनाओं ने मंदिरों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को उजागर किया है।
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