
Viral Sadhvi Harsha Richhariya: प्रयागराज में 13जनवरी से महाकुंभ की शुरुआत हो चुकी है। महाकुंभ में साधुओं और भक्तों की भीड़ जुट रही है। लेकिन इसी बीच, रील्स की दुनिया की हर्षा रिछारिया अपने लुक को लेकर काफी वायरल हो रही हैं। इन दिनों हर्षा गले में रुद्राक्ष और फूलों की माला और ललाट पर तिलक लगाए नजर आ रही है। इनकी लोकप्रियता इन सभी बाबाओं को भी मात कर रही है।
बता दें, 10बार केदारनाथ और 4बार बद्रीनाथ धाम की यात्रा कर चुकीं हर्षा इन दिनों महाकुंभ में आते ही सबसे चर्चित चेहरा बन गई हैं। लेकिन लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या हर्षा किसी में आने में आना चाहती हैं? या कोई और बात है। हाल ही में इन सभी सवालों का जवाब हर्षा ने एक पोडकॉस्ट में दिया है।
पोडकॉस्ट में दिए सारे सवालों के जवाब
दरअसल, हाल ही में न्यूस्कोप के पोडकॉस्ट में सगुन त्यागी ने हर्षा से पूछा कि एक होस्ट, एक एक्ट्रेस और इन सभी के बीच एक एंकर के रूप में केदारनाथ के बारे में बताए। क्या धर्म को लेकर लगातार वीडियो बनाना, सनातन धर्म का प्रचार करना, केदारनाथ बार-बार जाना, उसके बाद गुरुदेव की शरण में जाना, फिर महाकुंभ में आएं, पेशवाई में शामिल हों और इस तरह से फेमस हो जाएं, यह सब एक रणनीति का हिस्सा तो नहीं है? इस पर हर्षा ने जवाब दिया कि इन सभी चीजों के लिए मैं बहुत ही कृतज्ञ हूं।
हर्षा आगे कहती है कि मुझे ऐसा लगता है कि महादेव मेरे लिए एक के बाद एक रास्ते बनाते जा रहे हैं और मैं उन पर चलती जा रही हूं। जो चीजें पिछले 2-3दिनों में मेरे साथ हुई हैं, वह मैं क्या कोई भी होता तो इस लेबल पर सोच भी नहीं सकता था। कोई ट्राई भी करता तो ऐसे नहीं हो सकता था।
क्या बिग बॉस में एंट्री लेंगी हर्षा?
हर्षा रिछारिया ने कहा कि एक छोटा सा नाम के आगे टैग दे देना और उसकी वजह से पूरे इंडिया में वायरल कर देना। गूगल, यूट्यूब पर टॉप ट्रेंडिंग में ला देना। इन्हें मैं क्या बोलूं, समझ ही नहीं आ रहा है। मेरे से जब पूछा गया कि क्या मैं बिग बॉस में जाना चाहती हूं तो तब मैंने कहा था कि मुझे लड़ाई झगड़े में नहीं पड़ना। मैं सुकून की तलाश में घूम रही हूं।
महाकुंभ के बाद क्या चाहती है हर्षा?
महाकुभ के बाद जीवन के परिवर्तन और भविष्य को लेकर हर्षा रिछारिया का कहना है कि वह लाइम लाइट से दूर एक साध्वी की तरह ही जीना चाहेंगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए मैं गुरुदेव से तीन बार निवेदन भी कर चुकी हूं। लेकिन मैं हमेशा उनसे डांट खाती हूं। लेकिन इसके बाद भी मैं चाहूंगी कि साध्वी के रास्ते पर ही आगे बढूं।
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