
Changur Gang: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में अवैध धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग के मामले में ATS ने छांगुर गिरोह के एक सक्रिय सदस्य रशीद शाह को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 17जुलाई को बलरामपुर के उतरौला क्षेत्र के मधपुर गांव से की गई। रशीद शाह इस गिरोह के मास्टरमाइंड जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के नेटवर्क का अहम हिस्सा था। जो एक बड़े पैमाने पर अवैध धर्मांतरण रैकेट को संचालित कर रहा था। इस मामले में वहीं, ATS की कार्रवाई ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
कौन हैं रशीद शाह?
बता दें, रशीद शाह बलरामपुर के मधपुर गांव का निवासी है। जो छांगुर बाबा के निर्देश पर काम करता था। ATS की जांच में पता चला कि वह इस रैकेट के 'लव जिहाद' विंग का प्रमुख हिस्सा था। ATS के अनुसार, वह हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन कराने में सक्रिय था। वह पहले भी धर्मांतरण के एक मामले में गिरफ्तार हो चुका था, लेकिन जमानत पर छूटने के बाद फिर से इस अवैध गतिविधि में शामिल हो गया।
जांच में सामने आया कि रशीद शाह का काम नेटवर्क को विस्तार देना और कमजोर समुदायों को निशाना बनाना था। रशीद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 121A (राज्य के खिलाफ साजिश), 420 (धोखाधड़ी), 153A (समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाना) और उत्तर प्रदेश अवैध धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम, 2021के तहत मामला दर्ज किया गया है।
छांगुर गैंग का नेटवर्क
छांगुर गैंग, जो उत्तर प्रदेश में सक्रिय एक कथित अवैध धर्मांतरण रैकेट है, पर पहले भी कई बार संगठित अपराध और धर्मांतरण के लिए दबाव डालने के आरोप लग चुके हैं। पीड़िता के खुलासे के अनुसार, यह गैंग न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी अपने नेटवर्क के जरिए सक्रिय है। सऊदी अरब से मिली धमकी इस बात का संकेत देती है कि गैंग का नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गैंग के कुछ सदस्य विदेशों में रहकर अपने नेटवर्क को ऑपरेट करते हैं और धमकियों के जरिए पीड़ितों को डराने की कोशिश करते हैं।
विदेशी फंडिंग का खुलासा
ATS और ED की जांच में इस रैकेट के पीछे बड़े पैमाने पर विदेशी फंडिंग का पता चला है। छांगुर बाबा और उसके सहयोगियों के 40 से अधिक बैंक खातों में लगभग 100 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग का लेन-देन हुआ। जिसमें से कुछ धन मध्य पूर्व के देशों जैसे सऊदी अरब, यूएई, और तुर्की से आया। इसके अलावा नेपाल के रास्ते हवाला के जरिए भी धन प्राप्त किया गया। ED ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत केस दर्ज किया है और 14 स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें बलरामपुर और मुंबई शामिल हैं।
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