
Bahraich Wolf Attacks Again: सात दिन बाद शनिवार की रात को हरदी थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग स्थानों पर भेड़िए ने हमला किया, जिससे एक मासूम समेत दो लोग घायल हो गए। घायलों को तत्काल उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया है। भेड़िए के हमलों की बढ़ती घटनाओं ने क्षेत्र में एक बार फिर दहशत पैदा कर दी है।
भेड़िए का मासूम पर हमला: रात भर का खौफनाक मंजर
हरदी थाना के नकाही गांव में सात वर्षीय पारस, जो अपनी मां के साथ आंगन में लेटा था, पर देर रात लगभग दो बजे भेड़िया हमला कर दिया। भेड़िए की चुपके से की गई इस धमकी से पारस और उसकी मां के चीखने की आवाजें सुनकर परिवार के लोग दौड़कर आए और किसी तरह मासूम को भेड़िए के चंगुल से बचाया।
दूसरा हमला: भेड़िए ने दरहिया कुट्टी में बोला धावा
इसके बाद भोर के समय लगभग साढ़े चार बजे भेड़िए ने दरहिया कुट्टी में हमला किया। यहां एक कमरे का दरवाजा खुला था और चारपाई पर बैठे कुन्नू लाल पर भेड़िया झपट पड़ा। कुन्नू लाल ने भेड़िए से कुछ मिनट तक संघर्ष किया, लेकिन अंततः भेड़िया भाग निकला। इस हमले के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई।
पहले की घटनाएं: मौत और घायल होने की खबरें
भेड़िए के हमलों की यह हाल की घटनाएं नहीं हैं। इससे पहले 26 अगस्त को खैरी घाट के दीवान पुरवा में भेड़िए ने पांच वर्षीय अयांश पर हमला किया था। 25 अगस्त की रात को हरदी थाना के कुम्हारनपुरवा गांव में भी भेड़िए ने 45 वर्षीय रीता देवी पर हमला किया था, जिसमें चार लोग घायल हुए थे। पिछले सप्ताह में भेड़िए के हमले नहीं हुए थे, और 27 अगस्त को एक भेड़िया पकड़ा गया था, जिससे ग्रामीणों को थोड़ी राहत मिली थी। लेकिन अब भेड़िए के नए हमलों ने एक बार फिर से इलाके में दहशत पैदा कर दी है।
सुरक्षा उपायों की स्थिति: अधिकारी की प्रतिक्रिया
डीएफओ अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि भेड़िए को पकड़ने के प्रयास जारी हैं। हालांकि, उन्होंने चिंता व्यक्त की कि लगातार अपीलों के बावजूद लोग अभी भी मासूमों को खुले आंगन में सोने से परहेज नहीं कर रहे हैं। वन टीमें क्षेत्र में गश्त कर रही हैं और भेड़िए को जल्द से जल्द पकड़ा जाएगा।
यह स्थिति न केवल इलाके की सुरक्षा को लेकर चिंता का विषय है, बल्कि ग्रामीणों की मानसिक शांति को भी प्रभावित कर रही है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान हो जाएगा और इलाके में सुरक्षा की स्थिति बेहतर होगी।
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