
US-Israel-Iran Tensions: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष का असर अब पूरी दुनिया की हवाई यात्रा पर साफ दिख रहा है। रविवार, 1 मार्च 2026 को हालात इतने बिगड़ गए कि 700 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और सैकड़ों फ्लाइट्स का रूट बदल दिया गया। खाड़ी क्षेत्र का एक बड़ा एयर कॉरिडोर लगभग बंद हो गया है।
हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे
क्षेत्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1 मार्च की दोपहर तक 716 उड़ानें रद्द हो चुकी थीं, जबकि एक दिन पहले 1,800 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द की गई थीं। हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं या उन्हें दूसरी उड़ानों में शिफ्ट किया जा रहा है। खास तौर पर दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आंशिक व्यवधान देखा गया। ईरान और उसके आसपास के हवाई क्षेत्र को असुरक्षित घोषित कर दिया गया है, जिससे यूरोप, एशिया और अफ्रीका को जोड़ने वाला अहम मार्ग बंद हो गया है।
444 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द
भारत पर भी इसका बड़ा असर पड़ा है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि 1 मार्च को करीब 444 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हो सकती हैं। Air India, IndiGo, अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने पश्चिम और मध्य-पूर्व की कई सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं। मुंबई के Chhatrapati Shivaji Maharaj International Airport पर ही करीब 98 उड़ानें रद्द दर्ज की गईं, जिनमें लंदन, न्यूयॉर्क और शिकागो जैसे लंबी दूरी के रूट शामिल हैं।
इस संकट की वजह अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों पर किए गए हमले हैं। जवाब में ईरान ने भी मिसाइल हमले किए, जिसके बाद ईरान, इजरायल, कुवैत, इराक, बहरीन, कतर और यूएई समेत कई देशों ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया।
यात्रियों को दी गई सलाह
यात्रियों को सलाह दी गई है कि एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर जांच लें। कई एयरलाइंस बिना अतिरिक्त शुल्क के टिकट बदलने की सुविधा दे रही हैं, लेकिन सीटें सीमित हैं। ट्रैवल इंश्योरेंस और कनेक्टिंग फ्लाइट की जानकारी भी समय पर कन्फर्म करना जरूरी है। फिलहाल हालात अस्थिर बने हुए हैं और सुरक्षा को देखते हुए ही उड़ानों की बहाली का फैसला लिया जाएगा। यात्रियों को सरकारी एडवाइजरी और एयरलाइन अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
Leave a comment