
नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों की सुविधाओं को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। जिसमें अब ‘कोरोनरी स्टेंट’ को देश की ‘आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची-2022’ में शामिल कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह कदम जीवनरक्षक चिकित्सा उपकरणों को ओर अधिक किफायती बनाने में मदद करेगा।
बता दें कि इस दवाई को आवश्यक दवाओं की राष्ट्रीय सूची में शामिल करने के लिए गठित एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर यह फैसला किया गया है। जिसमें बताया जा रहा है कि यह कदम जीवनरक्षक चिकित्सा उपकरणों को और अधिक किफायती बनाने में मदद करेगा। ऐसे में क्या आप जानते है कि ‘कोरोनरी स्टेंट’ क्या है? आज इससे जुड़े सभी सवालों के जवाब आपको जवाब दिए जाएंगे।
क्या है ‘कोरोनरी स्टेंट’
कोरोनरी स्टेंट एक छलनी जैसी ट्यूब होती है जिसे धमनियों में रखा जाता है। जो हृदय में रक्त की आपूर्ति करती है, ताकि कोरोनरी धमनी रोग (सीएडी) के उपचार में धमनियों को खुला रखा जा सके जो कि हृदय रोग का सबसे आम प्रकार है। इसे एंजियोप्लास्टी या कोरोनरी इंटरवेंशन भी कहते हैं। इस प्रक्रिया से हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों के अवरोध को खोला जाता है।
क्यों जरूरत पड़ती है ‘कोरोनरी स्टेंट’ की
ऐथेरोस्क्लेरोसिस नामक हृदय रोग के उपचार के लिए एंजियोप्लास्टी की जाती है। ऐथेरोस्क्लेरोसिस कोरोनरी धमनियां में फैटी प्लाक जमने की धीमी प्रक्रिया है। जब दवाइयों या जीवन शैली के बदलाव के कारण हृदय के स्वास्थ्य पर बुड़ा असर पड़ता है या हार्ट अटैक होता है, या हृदय में दर्द बढ़ता जाता है या अन्य लक्षण दिखते हैं, तब डॉक्टर उपचार के विकल्प के रूप में एंजियोप्लास्टी की सलाह देते हैं। बाईपास सर्जरी की अपेक्षा एंजियोप्लास्टी करने का निर्णय रोग की स्थिति, कोरोनरी धमनियों में अवरोध की स्थिति और कुल मिलाकर स्वास्थ्य की स्थिति पर निर्भर करता है।
भारत में इसका स्टेंट को कराने का दाम
भारत में ‘कोरोनरी स्टेंट’ की कीमतों में काफी भिन्नताएं देखने को मिलती है। प्राइवेट अस्पताल की वेबसाइट की मानें तो इसकी अधिकतम कीमत 35,000 रुपये के आसपास है, और न्यूनतम कीमत की बात करें तो यह करीब 23 हजार के करीब है। अन्य अस्पतालों की बात करें तो वहां भी इसकी लगभग यही कीमत बताई गई है। खुले बाजार में इसकी कीमत 30-75 हजार रुपए है। कीमतों का नियमन होने से पूर्व अब तक हॉस्पिटल स्टेंट पर 196 प्रतिशत और 654 प्रतिशत मार्जिन लेकर मोटी कमाई करते रहे हैं।
लेकिन एंजियोप्लास्टी की बात करें तो यह काफी महंगी होती है। पहले एंजियोप्लास्टी के बाद 3 दिन तक मरीज को भर्ती रखा जाता था और 1.50 लाख से 2 लाख के पैकेज में सीसीयू का बिल शामिल था, लेकिन अब 3 दिन का बिल प्रतिदिन के हिसाब से 10 हजार रुपये कर दिया है। इसमें दवा खर्च अलग होता है।
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