
Ultra Processed Food: अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड (Ultra Processed Food) आजकल की लाइफस्टाइल का बड़ा हिस्सा है। वक़्त की कमी और टेस्टी होने के चले लोगों को इस तरह का खान बहुत पसंद आता है। लेकिन, अगर आप भी इस तरह के खाने के शौकीन हैं तो वक़्त रहते आपका सतर्क होना बेहद जरूरी है। इस तरह के खाने का लगातार सेवन शरीर में कई तरह की बीमारियां पैदा करता है। इतना ही नहीं ऐसा खाना कैंसर के खतरे को बढ़ा देता है।
अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स?
कैलोरी से भरपूर अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स युवाओं की पहली पसंद होता है। सिर्फ इस तरह के खाने को युवाओं की पसंद कहा जाये तो भी गलत होगा क्योंकि आज-कल हर उम्र के लोग इस तरह के खाने को पसंद करते हैं। अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स में फाइबर की मात्रा कम और चीनी की मात्रा जरूरत से ज्यादा होती है। ऐसी चीजों को खाने से पेट तो भर जाता है, लेकिन वजन भी तेजी से बढ़ने लगता है।
अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स की श्रेणी में कोल्ड ड्रिंक्स, चिप्स, चॉकलेट, कैंडी, आइसक्रीम, पैकेज्ड सूप, चिकन नगेट्स, हॉटडॉग, फ्राइज़, बर्गर और पिज़्ज़ा जैसे बहुत से फूड आते हैं। अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स कई तरह की प्रक्रिया से गुजरता है, जिसकी वजह से फूड्स से सभी प्रकार के तत्व समाप्त हो जाते हैं। अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड एक तरह से फैक्ट्ररी में तैयार किया जाता है।इतना ही नहीं बाजार में मिलने वाला मीठा योगर्ट अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स में शामिल होता है।
अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड से कैंसर का खतरा
लंदन के इम्पीरियल कॉलेज की एक रिसर्च के मुताबिक, अगर लंबे समय से अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड का सेवन किया जा रहा है तो इससे शरीर में कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। एक राइटर एज़्टर वामोस ने अपनी स्टडी में बताया कि अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड से सिर्फ कैंसर का खतरा ही नहीं है बल्कि ये सेहत के लिए भी सबसे हानिकारक फूड है। ज्यादातर अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड का सेवन बच्चे और वयस्क करते हैं। जिससे भविष्य में सेहत पर इसका सबसे ज्यादा बुरा असर देखने को मिलेगा।
होती हैं ये भी बीमारियां
अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड का संबंध मोटापे, टाइप 2 डायबिटीज और कार्डियोवैस्कुलर हार्ट डिजीज से भी होता है। कार्डियोवैस्कुलर हार्ट डिजीज में हार्ट स्ट्रोक और दिल के दौरे जैसी समस्याएं शामिल होती हैं। इसके साथ ही तरह के फूड्स से मेटाबोलिज्म सिंड्रोम के साथ सूजन की समस्या बढ़ सकती है।
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