Foreign Minister:गीता पर हाथ रख ली शपथ, अनीता आनंद बनीं कनाडा की नई विदेश मंत्री, बेहतर दुनिया के लिए लिया संकल्प

Foreign Minister: भारतीय मूल की अनीता आनंद ने कनाडा की नई विदेश मंत्री का शपथ ग्रहण हिंदू के पवित्र ग्रंथ भगवद गीता पर हाथ रखकर पद और गोपनीयता की शपथ ली। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी द्वारा मंत्रिमंडल में किए गए बदलाव और अनीता आनंद को यह जिम्मेदारी सौंपी दी है। उन्होंने मेलानी जोली की जगह ली है, जिन्हें अब उद्योग मंत्री बनाया गया है। शपथ ग्रहण के बाद अनीता आनंद ने एक सुरक्षित और वो अब प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ मिलकर काम करने और एक बेहतर और सुरक्षित दुनिया बनाने के लिए हमारी टीम के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं।
अनीता आनंद का राजनीतिक सफर
58 वर्ष की अनीता आनंद कनाडा की लिबरल पार्टी की वरिष्ठ सदस्य हैं। उनका नोवा स्कोटिया के केंटविले में एक भारतीय प्रवासी परिवार में हुआ था। उनके पिता तमिलनाडु और माता पंजाब से थे, अनीता आनंद ने 2019 में ओकविले से संसदीय चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखी और उसी वर्ष जस्टिन ट्रूडो की कैबिनेट में भी खरीद मंत्री बनीं। कोविड-19 महामारी के दौरान वैक्सीन और पीपीई (PPI) किट की व्यवस्था में उनकी भूमिका की जमकर सराहना हुई। उसके बाद उन्होंने रक्षा मंत्री, परिवहन मंत्री और ट्रेजरी बोर्ड की अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण जगहों पर भी अपनी सेवा दिया।
भारत के साथ अनीता आनंद का संबंध
अनीता आनंद के सामने भारत-कनाडा संबंधों को बेहतर करने की बड़ी जिम्मेदारी है। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच जो भी तनाव रहा, खासकर खालिस्तान से जुड़े मुद्दों और कनाडाई राजनयिकों पर भारत की निगरानी जैसे मामलों को लेकर। विदेश मंत्री के रूप में अनीता को इन मुद्दों को सुलझाने और दोनो देशों के संबंधों को नई दिशा देने की उम्मीद है। उनकी भारतीय जड़ें और सांस्कृतिक जुड़ाव इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
(Mark Carney) का नया सफर
प्रधानमंत्री (Mark Carney) मार्क कार्नी, जिन्होंने हाल ही में जस्टिन ट्रूडो की जगह ली, वह अपने मंत्रिमंडल में आधी महिलाओं को शामिल किया है। कार्नी ने कहा कि उनका मंत्रिमंडल कनाडा के लोगों की जरूरतों के अनुसार बदलाव लाना है। अनीता के अलावा, भारतीय मूल की कमल खेड़ा को भी स्वास्थ्य मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया है।
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