WORLD TIGER DAY 2022: क्यों विलुप्त हो रही है TIGER की प्रजातियां, जानें वजह

WORLD TIGER DAY 2022: क्यों विलुप्त हो रही है TIGER की प्रजातियां, जानें वजह

नई दिल्ली: हम इंसानों के कारण पृथ्वी के कई प्राकृतिक चीजों पर असर पड़ रहा है और उनमें से एक है शेर,जिसे जंगल का राजा भी कहां जाता है। शेरों के बारे में लोगों की जानकारी को बढाने और दुनियाभर में कम होती जा रही शेरों की आबादी को बचाने के लिए हर साल कई तरह की जागरूकता अभियान चलाया जाता है। दुनियाभर में तेजी से हो रही जंगलों की कटाई और शिकार के कारण शेरों की आबादी धीरे-धीरे कम होती जा रही है। वैसे तो भारत के नजरिए से देखा जाए तो यहां पर शेर को देवी के वाहन का रूप कहा जाता है लेकिन फिर भी आंकड़ों की बात कर तो भारत सहित कई देशों में शेरों की संख्या समय के साथ-साथ कम होती जा रही है।

बता दें की आईयूसीएन के द्वारा जारी किए गए नए रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है कि फिलहाल दुनियाभर में 147517 शरों के प्रजातियों में से 41459 प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर है। लेकिन राहत की बात यह है कि आज दुनिया में करीब 3,726 से 5,578 तक की संख्या में शेर जीवित और स्वस्थ है। आईयूसीएन के अनुसार शेरों की जनसंख्या में 40 फीसदी का इजाफा हुआ है जिसका कारण उनके बेहतर निगरानी है। माना जा रहा है कि दुनिया में जितना सोचा गया था उससे ज्यादा शेर मौजूद है।आईयूसीएन (IUCN) स्पीशेस सर्वाइवल कमीशन के प्रमुख डॉ जॉन पॉल रोड्रिगेज का कहना है कि शेर की जनंसख्या में हुए सुधार दर्शाता है कि संरक्षण की जटिल चुनौती को सुलझाया जा सकता है।

वहीं 29 जुलाई की तारीख को खास महत्वता दी जाती है क्योंकि इस दिन दुनियाभर के कई देशों ने साल 2010 में रूस में हुई सेंट पीटर्सबर्ग टाइगर शिखर सम्मेलन में एक समझौता किया था। इस समझौते के तहत ये देश  शेरों की घटती जनसंख्या के प्रति जागरुकता फैलाने और उनके प्राकृतिक आवास को बचाने के लिए प्रयास करेंगे।इस दिन कई देशों की तरफ से यह ऐलान किया गया था कि जिन देशों में बघ ज्यादा है वहां उनकी जनसंख्या को 2022 तक दोगुना करना है।

 

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