'बाप' शब्द को लेकर भड़के विधानसभा अध्यक्ष ,कहा- सदन आप नहीं, मैं चलता हूं

'बाप' शब्द को लेकर भड़के विधानसभा अध्यक्ष ,कहा- सदन आप नहीं, मैं चलता हूं

Bihar Vidhan Sabha: "विधानसभा किसी के बाप की नहीं है..." इस बयान ने बिहार विधानसभा में तूफान मचा दिया। भाई वीरेंद्र के इस कथन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच चल रहे तीखे विवाद को और हवा दे दी, जिससे सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई। दरअसल, विधानसभा सत्र शुरू होते ही विपक्ष ने SIR के मुद्दे पर हंगामा शुरू कर दिया। तेजस्वी यादव ने सदन में अपनी बात रखते हुए SIR को वापस लेने की मांग की और सरकार पर जमकर निशाना साधा। जवाब में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लालू और राबड़ी के शासनकाल की याद दिलाई। उन्होंने तेजस्वी से कहा, "तब तुम बच्चे थे, 2005 से पहले बिहार में क्या होता था, तुम्हें नहीं पता।"

भाई विरेंद्र के बयान भड़के विधानसभा अध्यक्ष

नीतीश ने अपनी सरकार के कामकाज का बखान किया और फिर अपनी बात समाप्त की। इसी बीच भाई वीरेंद्र ने विवादास्पद टिप्पणी करते हुए कहा, "विधानसभा किसी के बाप की नहीं है।" यह सुनते ही विधानसभा अध्यक्ष नाराज हो गए और उन्होंने भाई वीरेंद्र से माफी मांगने को कहा। इस टिप्पणी ने सत्ता पक्ष के विधायकों को भड़का दिया, जिसके बाद सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया। कार्यवाही पूरी तरह बाधित हो गई, और सदन में तनाव का माहौल बन गया।

"अभी माफी मांगें..."नंद किशोर यादव

बाप शब्द के प्रयोग से अध्यक्ष नंद किशोर यादव बेहद नाराज़ हो गए। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से कहा कि सदन में भाई वीरेंद्र ने जिन शब्दों का प्रयोग किया, वह गलत है। उनसे कहिए, अभी माफी मांगें। इसके जवाब में तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर मेरे किसी विधायक ने कुछ गलत कहा, तो बुरा मत मनाइए। इस दौरान डिप्टी सीएम विजय सिन्हा भी इस पूरे मामले में कूद पड़े और माफी मांगने की बात कहने लगे। इस कारण विधानसभा अध्यक्ष से उन्हें फटकार भी सुननी पड़ी। उन्होंने कहा, "आप बैठ जाइए। सदन आप नहीं, मैं चलता हूं। मुझे तय करने दीजिए कि क्या करना है, क्या नहीं। मैं फैसला करूंगा।" इसके बाद हंगामा होने लगा। यह कहते हुए अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।

डिप्टी सीएम विजय सिन्हा  ने बताया अंदर का हाल

बिहार विधानसभा स्थगित होने के बाद डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने राजद विधायक भाई वीरेंद्र के बयान "विधानसभा किसी के बाप की नहीं" को आपत्तिजनक बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के मंदिर में ऐसी भाषा शोभा नहीं देती। सिन्हा ने राजद पर सदन में गुंडागर्दी, अपशब्दों का प्रयोग और कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया।

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