
नई दिल्ली: बदलते मौसम के साथ सर्दी, नाक बंद और जुकाम बेहद ही आम समस्या हैं। खासतौर पर सर्दियों के मौसम में इनका प्रभाव और भी बढ़ जाता है। हालांकि कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमीक्रोन के लक्षण भी खांसी, सर्दी-जुकाम, गले में खराश हैं। ऐसी स्थिति में भाप लेना लाभदायक माना जाता है। इतना ही नहीं भाप लेना आपकी त्वचा के लिए भी फायदेमंद साबित होता है।
आपको बता दें कि बदलते मौसम में नाक बंद होना का एक मात्र घरेलू नुस्खा है भाप लेना। भाप लेने से बंद नाक खोलने में, सर्दी-ज़ुकाम और साइनस इन्फेक्शन से राहत मिलती है। इसे स्टीम थेरेपी भी कहते हैं जिसमें गरम पानी की भाप को इन्हेल किया जाता है। वहीं भाप लेते समय हमें कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। इसमें कोई संदेह नहीं कि भाप लेना हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है, लेकिन बेहद जरूरी है इसे लेने का सही तरीका। नहीं तो इसका गलत तरीका अपके शरीर के लिए हानिकारक भी साबित हो सकता है।
इसके लिए मार्केट में कई प्रकार की मशीनें भी उपलब्ध हैं। लेकिन यदि आप घर पर भाप ले रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए, जैसे बर्तन से 30 सेंटीमीटर की दूरी बनाकर ही भाप लेनी चाहिए, नहीं तो आप जल भी सकते हैं। और तकरीबन 5 से 10 मिनट तक ही भाप लें। इसके अलावा अगर आपको भाप लेते समय कोई दिक्कत हो रही है या आंखों में जलन जैसा महसूस हो रही है तो तुरंत टॉवेल हटा दें और भाप न लें। बच्चें, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा के मरीजों को भाप लेते समय ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।
भाप लेने के फायदे
गर्म भाप नाक और गले के जरिए फेफेड़ों तक पहुंचती है, जिससे सर्दी-खांसी से काफी आराम मिलता है। जिससे बंद नाक के खुलने में तो मदद मिलती ही है साथ ही सांस लेने में भी आराम मिलता है। गर्म भाप लेने से शरीर का तापमान भी बढ़ता है। इस कारण ब्लड वेसल या रक्त धमनी का विस्तार होता है और रक्त संचार भी सुधरता है।
इसके अलावा भाप लेना हमारी त्वचा के लिए काफी फायदेमंद हो सकती है क्योंकि इससे त्वचा के रोम छिद्र खुल जाते हैं और त्वचा की गहराई से सफाई हो जाती है। भाप त्वचा के प्राकृतिक तेल के उत्पादन को बढ़ाने में भी मदद करती है और त्वचा में नमी बनाए रखती है। इसके अतिरिक्त गर्म पानी की भाप, साइनस कंजेशन और अक्सर इसके साथ होने वाले सिरदर्द को दूर करने में मदद कर सकती है।
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