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NEET परीक्षा से पहले Telegram पर 30 जून तक अस्थायी रोक, सरकार ने जारी किया आदेश

NEET परीक्षा से पहले Telegram पर 30 जून तक अस्थायी रोक, सरकार ने जारी किया आदेश

Telegram Ban: केंद्र सरकार ने RE-NEET परीक्षा को देखते हुए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। यह कदम राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की सिफारिशों के आधार पर उठाया गया है। सरकार का मानना है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए यह फैसला जरूरी है।

संदिग्ध गतिविधि पर रखी जाएगी नजर

सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत आदेश जारी करते हुए Telegram के एक्सेस को भारत में एक सीमित अवधि के लिए प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया है। यह प्रतिबंध 22 जून 2026 तक लागू रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान परीक्षा से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।

30 जून तक लागू रहेगी व्यवस्था

इसके अलावा Telegram को भारत में पहले से पोस्ट किए गए संदेशों पर मैसेज एडिट करने की सुविधा अस्थायी रूप से बंद करने का भी निर्देश दिया गया है। यह व्यवस्था 30 जून 2026 तक लागू रहेगी। सरकार का कहना है कि जांच एजेंसियों को कई मामलों में पुराने संदेशों की आवश्यकता पड़ सकती है और यदि संदेशों को बाद में संपादित किया जाता है तो सबूत प्रभावित हो सकते हैं।

पेपर लीक में आया था Telegram का नाम

पेपर लीक से जुड़े मामलों में Telegram का नाम कई बार सामने आ चुका है। विभिन्न जांचों में यह आरोप लगाए गए हैं कि कुछ ग्रुप और चैनलों का इस्तेमाल परीक्षा संबंधी गोपनीय जानकारी साझा करने के लिए किया जाता है। हालांकि, ऐसे मामलों में प्लेटफॉर्म की सीधी भूमिका को लेकर अलग-अलग राय भी सामने आती रही हैं।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

विशेषज्ञों का कहना है कि Telegram पर बड़े समूह और चैनल बनाए जा सकते हैं, जिनमें हजारों लोग एक साथ जुड़े रहते हैं। यही कारण है कि जानकारी तेजी से बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच सकती है। इसके अलावा प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध बॉट्स और ऑटोमेशन फीचर्स का इस्तेमाल भी कई तरह की गतिविधियों के लिए किया जाता है।

सरकार ने परीक्षा से पहले क्यों लिया ये फैसला

साइबर सुरक्षा से जुड़े जानकारों के अनुसार, Telegram पर अकाउंट बनाना अपेक्षाकृत आसान है और कई बार वर्चुअल या अस्थायी नंबरों के जरिए भी अकाउंट बनाए जाते हैं। इसी वजह से कुछ लोग अपनी पहचान छिपाकर गतिविधियां संचालित करने की कोशिश करते हैं। RE-NEET परीक्षा से पहले उठाए गए इस कदम को सरकार परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला मान रही है। 

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