Uttar Pradesh News: नोएडा से एक बार फिर हैरान करने वाला मामला सामने आया है। नोएडा में साइबर ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में आने और संपत्ति की जांच के बहाने मुंबई क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर सेक्टर-29 की रहने वाली रिटायर्ड कर्नल की पत्नी को 7 दिन और ग्रेटर नोएडा की बुजुर्ग महिला को 2 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया।
साइबर ठगों ने ऑनलाइन सुनवाई करने का नाटक रचा। वर्दी पहने ठगों ने प्रबंधक को जेल का डर दिखाया गया। बैंक में जमा पैसा की जांच के नाम पर 44 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। रिश्तेदार व परिवार को बताने पर साइबर ठगी होने का पता चला।
ठगों ने खुद को बताया क्राइम ब्रांच अधिकारी
वहीं, पीड़िताओं ने साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज किए है। पुलिस साइबर ठगों की पहचान और तलाश में जुटी है। नोएडा सेक्टर-29 की रहने वाली रिटायर्ड कर्नल की पत्नी रविकांत के पास ठन ने छह अगस्त को मुंबी क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर फोन किया। उसने वॉट्सएप पर गिरफ्तारी का वारंट भेज दिया। उसके बाद वीडियो कॉल पर अन्य ठगों ने पुलिस अधिकारी बनकर बात की। इससे बचने के लिए संपत्ति की जांच करान पर जोर दिया। साइबर ठगों ने आरबीआई के बैंक खातों के नाम पर 20 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। वहीं, रकम वापस नहीं आने पर ठगी होने का पता चला।
सीम बंद होने की चेतावनी
दूसरी तरफ, ग्रेटर नोएडा की रहने वालीं अनीता के पास पांच अक्टूबर 2025 को ठग ने दूरसंचार विभाग का कर्मी बनकर फोन किया। दो घंटे में सिम बंद होने की चेतावनी दी। इस बारे में पूछ जाने पर बताया कि उनके आधार कार्ड का उपयोग राष्ट्र विरोधी कार्य में होने की बात कहकर फोन रख दिया। आरोप है कि ठगों ने मुंबई क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर बात की।
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