
नई दिल्ली: साल का पहला सूर्य ग्रहण आज यानि 30अप्रैल दिन शनिवार को लगने जा रहा है। हालांकि यह भारत में दिखाई नहीं देगा। सूर्य ग्रहण आज देर रात 12:15 से शुरू होगा और रविवार की सुबह 4:07 मिनट पर समाप्त हो जाएगा।जो 03 घंटे 08 मिनट तक रहेगा।इस सूर्य ग्रहण के बाद दूसरा सूर्य ग्रहण 25 अक्तूबर को लगेगा।
बताया जा रहा है कि सूर्य ग्रहण के समय से 12 घंटे पूर्व सूतक काल प्रारंभ हो जाता है। साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में आंशिक सूर्य ग्रहण है, इसलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। वहीं सूर्य ग्रहण प्रशांत महासागर, अटलांटिका, दक्षिण और पश्चिम अमेरिका एवं अंटार्कटिका के क्षेत्रों में दिखाई देगा। भारत में इसका प्रभाव दिखने को नहीं मिलेगा। इस दौरान सूर्य ग्रहण कुछ राशियों के लिए अच्छा होगा, तो कुछ राशि के लिए दुष्प्रभाव देखने को मिल सकता है। मेष, मिथुन, कन्या, वृश्चिक राशि वालों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है, जबकि वृषभ, कर्क, सिंह, धनु राशि वालों के लिए लाभदायक साबित होगा।
गर्भवती महिलाओं पर सूर्य ग्रहण का प्रभाव
धार्मिक मान्यताओं की मानें तो जब भी सूर्य ग्रहण लगता है तो इसका बुरा प्रभाव गर्भवती महिलाओं पर पड़ता है ऐसे में ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखना पड़ता है। जैसे की गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण के दौरान भोजन नहीं करना चाहिए। माना जाता है कि ग्रहण के दुष्प्रभाव से भोजन दूषित हो जाता है, इसलिए पहले से पके हुए भोजन पर तुलसी का पत्ता या गंगाजल डाल दें। गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण के दौरान सूई, चाकू, कैंची जैसी नोकदारी वस्तुओं से दूर रहना चाहिए।
कहा जाता है कि इनका उपयोग करने से गर्भ में पल रहे बच्चे पर दुष्प्रभाव हो सकता है। सूर्य ग्रहण प्रारंभ से लेकर समापन तक गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए, क्योंकि इसका नकारात्मक प्रभाव पल रहे बच्चे पर पड़ता है।गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण को भी नहीं देखना चाहिए। इससे उनकी और गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। सूर्य ग्रहण के समय में गर्भवती महिलाओं को अपने इष्टदेव का स्मरण करना चाहिए।
कब लगता है सूर्य ग्रहण
विज्ञान के अनुसार हमारी पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है और चंद्रमा धरती के चारों ओर घूमता है। परिक्रमा के दौरान जब सूर्य और धरती के बीच चंद्रमा आ जाता है तो कुछ देर के लिए सूर्य की रोशनी पृथ्वी पर नहीं पड़ती है इस घटना को ही सूर्य ग्रहण कहते हैं।
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