पंजाब में 53 साल की उम्र में आईवीएफ से दूसरी बार मां बनेंगी सुरिंदर कौर ( काल्पनिक नाम), अमेरिका में तीन बार आईवीएफ प्रक्रिया असफल हो चुकी थी लेकिन चंडीगढ़ के एक प्राइवेट अस्पताल में उनकी इच्छा पूरी हुई । मां बनने की जिद्द भारत खींच लाई चलते उन्होंने कानूनी लड़ाई लड़ी और भारत में आईवीएफ तकनीक पर लागू एआरटी (असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नीक) कानून को चुनौती देकर अपनी जिद पूरी की, कुलविंदर कौर नवंबर में मां बनने जा रही हैं।
हाईकोर्ट में दी चुनौती
शुरू में उनकी उम्मीदों पर उस समय पानी फिरता दिखा, जब भारत में आईवीएफ को नियंत्रित करने वाला एआरटी (असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नीक) रेगुलेशन एक्ट, 2021 की गाइडलाइंस आड़े आ गईं। कुलविंदर कौर ने इस मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। केस दो साल चला, कानूनी लड़ाई जीतने के बाद कुलविंदर कौर का आईवीएफ प्रोसीजर किया गया, एक ही प्रयास में फिर से गर्भावस्था की रिपोर्ट सकारात्मक आई।
मां बनने की इच्छा कई बार कुछ मामलों में यह ख्वाहिश प्राकृतिक रूप से पूरी नहीं हो पाती। इसके पीछे कई कारण होते हैं, जिनमें जैविक, पर्यावरणीय और जीवनशैली से जुड़े कारण शामिल हैं, ऐसी ही एक वजह के चलते अमेरिका के फिलाडेल्फिया की रहने वाली सुरिंदर कौर मां नहीं बन पा रही थीं। करीब छह साल पहले जब सुरिंदर कौर अस्पताल के पास आई थीं, तब उनकी उम्र 46 साल थी।अमेरिका में तीन बार आईवीएफ असफल होने के बावजूद वह बहुत उम्मीद लेकर यहां आई और नवंबर में उनकी इच्छा पूरी होगी।
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