Success Story : महाराष्ट्र के कोल्हापुर की माऊली आडूकर का जन्म दोनों हाथों के बिना हुआ था। शुरुआत में एक स्कूल द्वारा दाखिला देने से मना किए जाने के बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी। माऊली ने अपने पैरों को ही अपनी ताकत बनाया और पैरों की उंगलियों से सुई में धागा पिरोने, खाना बनाने और कंप्यूटर चलाने जैसे सभी रोजमर्रा के काम करने में महारत हासिल की।
Also read: IAS Pari Bishnoi: 24 साल की उम्र में परी बिश्नोई बनी IAS अफसर, हरियाणा के पूर्व सीएम के घर की बनी बहू
अपनी इसी लगन के साथ उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की। उन्होंने पैरों से कंप्यूटर चलाकर गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक से कंप्यूटर डिप्लोमा किया। इसके बाद उन्होंने कॉमर्स में ग्रेजुएशन और फिर साइकोलॉजी में मास्टर्स (M.A.) की डिग्री भी प्राप्त की। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने सरकारी नौकरी की तैयारी शुरू की और अपनी कड़ी मेहनत से बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की परीक्षा सफलतापूर्वक पास की।
वर्तमान में माऊली BMC में 'असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव ऑफिसर' के पद पर कार्यरत हैं। अब उनका अगला लक्ष्य महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षा पास कर प्रशासनिक सेवा में शामिल होना है।