Jasmine Lamboria wins Gold Medal in Boxing: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रर्दशन जारी है। इसी क्रम में महिलाओं के मुक्केबाजी खेल में भारत अपने नाम का परचम लहरा रहा है। दरअसल, भारतीय मुक्केबाज जैस्मीन लैंबोरिया ने शनिवार को फाइनल में मौजूदा चैंपियन मिकेला वॉल्श को 5-0 से हराकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर दुनियाभर में भारत का नाम रोशन किया।
बता दें, जैस्मीन की इस जीत ने भारत को एक ही दिन में बॉक्सिंग में दूसरा गोल्ड मेडल दिलाया है। इससे पहले हरियाणा के भिवानी की 22 वर्षीय मुक्केबाज प्रीति पवार ने महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग के गोल्ड मेडल हासिल किया। प्रीति ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को सर्वसम्मति से हराकर ये मुकाबला अपने नाम किया है।
भारतीय मुक्केबाज ने मारी बाजी
शुरुआती तीन मिनटों में दोनों मुक्केबाजों ने सतर्कता बरती और जवाबी मुक्कों पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हुए मौके का इंतजार किया। रेफरी को पहले मिनट में दो बार हस्तक्षेप करना पड़ा ताकि मुक्केबाजों को आक्रामक होने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। लगातार आक्रामक खेल की कमी के बावजूद, लैंबोरिया ने सटीक मुक्के मारे और विभाजित निर्णय से 3-2 के मामूली अंतर से पहला राउंड जीत लिया। दूसरे राउंड में गति थोड़ी बढ़ गई क्योंकि वॉल्श लैंबोरिया को आगे बढ़ने के लिए उकसाने की कोशिश कर रही थीं। हालांकि, भारतीय मुक्केबाज धैर्य बनाए रखीं और सावधानीपूर्वक अपने मुक्के चुनती रहीं। लैंबोरिया की सटीक और दमदार पंचों ने जजों को प्रभावित किया, जिन्होंने सर्वसम्मति से 5-0 के फैसले से उन्हें विजेता घोषित किया।
भारतीय मुक्केबाज ने आखिरी तीन मिनटों में भी अपना संयम बनाए रखा और लगातार सटीक पंच लगाती रहीं, जबकि वॉल्श मुकाबले का रुख मोड़ने के लिए जरूरी तेजी नहीं दिखा पाईं। आखिरी घंटी बजते ही लैंबोरिया को सर्वसम्मति से विजेता घोषित कर भारत को स्वर्ण पदक दिलाया गया।
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प्रीति पवार ने जीता था पहला गोल्ड
प्रीति पवार ने मुकाबले की शुरुआत संयमित तरीके से की, जबकि डेलगाडो ने शुरुआत में कुछ मुक्के मारे। भारतीय मुक्केबाज ने धैर्य बनाए रखा और धीरे-धीरे अपनी लय हासिल कर ली, सटीक मुक्कों से जवाब दिया और अपने बाएं हुक का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया। जजों ने पहले राउंड में पवार को सर्वसम्मति से 5-0 से विजेता घोषित किया। दूसरे राउंड में पवार का आत्मविश्वास बढ़ता गया और उन्होंने ज्यादा सटीक मुक्के मारे। उन्होंने राउंड के बीच में ही तीखे संयोजनों की बौछार से मुकाबले पर नियंत्रण कर लिया, जिससे डेलगाडो को स्टैंडिंग काउंट के लिए मजबूर होना पड़ा। जजों ने एक बार फिर इस राउंड में पवार को 5-0 से विजेता घोषित किया।
पवार ने आखिरी राउंड में भी अपना दबदबा बनाए रखा, गति को नियंत्रित किया और डेलगाडो को बैकफुट पर रखा। कनाडाई मुक्केबाज को जवाब देने में संघर्ष करना पड़ा, जबकि पवार ने लगातार सटीक मुक्के बरसाए, जिनमें एक जोरदार लेफ्ट हुक और एक दमदार राइट हैंड पंच शामिल थे। आखिरी घंटी बजने के बाद, पवार को सर्वसम्मति से विजेता घोषित किया गया और उन्होंने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का पहला मुक्केबाजी गोल्ड मेडल हासिल किया।