हिंदू विवाह के वो 4 Facts, जिसे जानकर हो जाएंगे Shocked

हिंदू विवाह के वो 4 Facts, जिसे जानकर हो जाएंगे Shocked

AJAB-GAJAB: शादी एक पवित्र बंधन होता है इसमें दो लोगों का बंधन होता है जिसे बांधने के लिए पूरा परिवार एक साथ आता है। हिंदू धर्म रीति-रिवाजों की मानें तो शादी एक ही बार होती है। भारतीय शादियां बड़े पैमाने पर भी होती हैं परंतु इन शादियों में ऐसे कई फैक्ट्स होते हैं जिनके बारे में काफी लोगों को जानकारी नहीं होती। तो चलिए आज हम आपको कुछ बातों के बारे में बताएंगे।

नवबंर-फरवरी महीने में होती हैं काफी शादियां

भारत में सर्दियों के महीने जैसे नवंबर और फरवरी में लोग काफी शादियां करते हैं। देश में शादियों के लिए यह मौसम बहुत व्यस्त माना जाता है। एक सर्वे की मानें तो साल 2022में 4नवंबर से 14दिसंबर के बीच भारत में करीबन 32लाख शादियां हुई थी।

 

कलीरे गिरने की रस्म मानी जाती है शुभ

उत्तर भारत के दुल्हनें लंबे, लाल और सुनहरे रंग के गहने पहनती हैं। जो उनकी कलाई पर गिर जाते हैं और उनके परिवार, दोस्तों के द्वारा बांधे जाते हैं। इन्हीं गहनों को कलीरा कहा जाता है। यह सिर्फ एक्सेसरीज नहीं बल्कि इनका हिंदू धर्म में बहुत ही विशेष महत्व माना जाता है। होने वाली दुल्हन कुंवारी लड़कियों के सिर पर हाथ फेरती हैं और हाथ मिलाती हैं। माना जाता है कि जिस पर दुल्हन का कलीरा गिरता है उस लड़की की शादी जल्दी होती है।

जूता चुराने की रस्म

इसके अलावा शादी बिना जूता चुराई की रस्म के अधूरी मानी जाती है। माना जाता है कि भारतीय शादी बिना इस रस्म के पूरी नहीं होती। इसके अलावा यह बहुत ही मजेदार और दिलचस्प परंपरा मानी जाती है इस परंपरा में दूल्हन की भाभियां और बहनें इस दिन जूते चुराकर इसके बदले फिरौती की रक्म मांगती हैं। दूल्हा दुल्हन की बहनों को निराश नहीं करना चाहेगा। ऐसे में उसकी दुल्हन की भाभियों और बहनों को इसकी मुंह मांगी कीमत मिलती है।

शादी में नहीं पहना जाता काला और सफेद रंग

भारतीय शादियों में काला और सफेद रंग पहनना भी अशुभ माना जाता है। काला और सफेद रंग शोक का रंग माना जाता है। इसलिए शादी में इसे ना पहनने की सलाह दी जाती है। दूल्हा और दुल्हन को इनमें से कोई भी रंग रस्मों में नहीं पहनना चाहिए।

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