
Death In Gujarat Flood: गुजरात में इस समय चारों ओर तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। भीषण बारिश के कारण गुजरात के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गया है। स्थिति इतनी दयनीय गो गई है कि सरकार ने राहत कार्य के लिए सेना को उतारा है। पुछले चार दिनों में भीषण बारिश के कारण 26 लोगों की मौत हो गई है। अधिकत्तर मौतें राजकोट, आणंद, महिसागर, खेड़ा, अहमदाबाद, मोरबी, जूनागढ़ और भरूच जिलों में हुई हैं।वहीं कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ की स्तिथि उत्पन्न होने के बाद करीब 40 हजार लोग अपने घर को छोड़ कर कैंप में रहने को मजबूर हैं। गौरतलब है कि SDRF, NDRFऔर सेना के जवान लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में लगे हुए हैं। अबतक करीब 17000 से अधिक लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है।
11 जिलों में रेड अलर्ट जारी
गुजरात में लगातार बारिश होने के कारण लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, स्थिति अभी और खराब हो सकती है। मौसम विभाग ने गुजरात के 11 जिलों में बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 22 अन्य जिलो में यलो अलर्ट जारी किया है। इस सभी जिलों में गुरुवार को भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। कच्छ, द्वारका, जामनगर, मोरबी, सुरेंद्रनगर, जूनागढ़, राजकोट, बोटाद, गिरसोमनाथ, अमरेली और भावनगर में रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, नॉर्थ गुजरात, साउथ गुजरात और सेंट्रल गुजरात में येलो अलर्ट जारी किया गया है। बुधवार को द्वारका, जामनगर, राजकोट और पोरबंदर जैसे जिलों में 50 से 200 मिलीमीटर तक बारिश हुई।
पीएम ने हालात की ली जानकारी
गुजरात की स्थिति की जायजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ली है। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बातचीत करके हरसंभव मदद करने का भरोसा दिया है। हालांकि, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राहत बचाव कार्य में कई टीमों को लगाया है। वडोदरा में अब तक 5000 से अधिक लोगों को निकाला गया और 1200 अन्य लोगों को बचाया गया है। गौरतलब है कि गुजरात की 22 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
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