SILK FABRIC: आसान नहीं हैं कीड़े से रेशम निकालना, जानें एक कीड़े से कितना मिलता है सिल्क

SILK FABRIC: आसान नहीं हैं कीड़े से रेशम निकालना, जानें एक कीड़े से कितना मिलता है सिल्क

Silk clothes: सील्क के कपड़ें पहनना लोगों को काफी पसंद है। लेकिन कभी आप लोगों ने यह कैसे तैयार होता है इसके बारे में जानने की कोशिश की है। हालांकि ज्यादातर लोगों को पता होगा कि सिल्क का कपड़ा एक कीड़े से तैयार किया जाता है। चलिए आज हम आपको उस कीड़े से कपड़ा कैसे बनाया जाता है उसके बारे में बताते है।

सिल्क कपड़ा बनाने के लिए किया जाता है ये काम

दरअसल रेशम के कपड़ों को तैयार करने के लिए रेशम के कीड़े का प्रयोग किया जाता है। वहीं बात करें इससे कपड़े बनाने कि तो सबसे पहले रेशम के कपड़े बनाना चीन ने शुरू किया था। काफी समय तक चीन अपने इस फॉर्मूले को छुपा कर रखा। कपड़े को एक सफेद रंग के छोटे कीड़े से तैयार किया जाता है। इसके लिए कीड़े को पानी में उबाला जाता है और फिर उससे रेशम प्राप्त किया जाता है।

उस कीड़े की उम्र ज्यादा 3 से 4 दिन की होती है। वहीं रेशम बनाने की प्रक्रिया काफी मुश्किल होती है जिस कारण रेशम के कपड़े काफी महंगे मिलते हैं। कीड़े से निकलने वाला रेशम काफी मुलायम और चमकदार होते हैं। कीड़े की बात करे तो यह अपने 72घंटे के जीवन में 300से 400अंडे देता है। 10दिन बाद हर अंडे से एक कीड़ा निकलता है। इसे ही हम लारवा कहते हैं।

कीड़े से कैसे बनता है कपड़ा

कीड़ा  जन्म लेने के बाद लारवा अपने मुंह से एक लिक्विड प्रोटीन छोड़ता है। ये लिक्विड हवा के संपर्क में आते ही जालीनुमा ठोस बनता है। देखने में ये मकड़ी का जाल लगता है, लेकिन ये एक धागा होता है। कुछ ही देर में इस कीड़े के चारों ओर कैप्सूल जैसा घेरा बन जाता है, जिसे कोकून भी कहते हैं। इसके बाद सिल्क को हासिल करने के लिए सारे कोकून को गर्म पानी में डाल दिया जाता है। इससे कीड़े मर जाते हैं लेकिन कुकून से सिल्क मिल जाता है। एक कोकून से कम से कम 500से 1000मीटर सिल्क का धागा मिलता है।

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