शशि थरूर ने फिर से कांग्रेस हाईकमान को दिखाई आंख! ऑपरेशन सिंदूर पर बोलने से किया इनकार

शशि थरूर ने फिर से कांग्रेस हाईकमान को दिखाई आंख! ऑपरेशन सिंदूर पर बोलने से किया इनकार

Shashi Tharoor on Operation Sindoor: आज यानी 28जुलाई 2025सोमवार को संसद में  ऑपरेशन सिंदूर को लेकर चर्चा होनी है। अब इस डिबेट के लिए लिए पक्ष-विपक्ष दोनों तरफ से स्पीकर्स की लिस्ट सामने आ चुकी है। जानकारी के मुताबिक लोकसभा में इस विषय पर चर्चा के लिए 16घंटो का समय निर्धारीत किया गया था। लेकिन इस पूरे मामले कांग्रेस वक्ताओं की लिस्ट ने सबका ध्यान अपनी तरफ आकर्षीत किया क्योंकि इसमें लिस्ट में पार्टी के तेजतर्रार सांसद और पूर्व विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर का नाम शामिल नहीं था। अब इस बात को लेकर  बीजेपी विपक्ष पर लगातार सवाल उठा रही है।

ऑपरेशन सिंदूर पर नहीं बोलना चाहते शशि थरूर

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कार्यालय ने शशि थरूर से ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में होने वाली विशेष चर्चा में बोलने का आग्रह किया था, लेकिन थरूर ने इससे इनकार कर दिया। इस चर्चा में कांग्रेस की ओर से गौरव गोगोई, प्रियंका गांधी वाड्रा, दीपेंद्र हुड्डा, बिजेंद्र सिंह ओला, प्रणीति शिंदे, और सप्तगिरि उलाका हिस्सा लेंगे। थरूर ने हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के बाद विदेश दौरे पर गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था, जहां उन्होंने इस ऑपरेशन का पुरजोर समर्थन किया था। हालांकि, कांग्रेस ने उन्हें पार्टी लाइन के अनुसार ऑपरेशन पर सवाल उठाने को कहा था, जिसके लिए थरूर तैयार नहीं हुए।

भाजपा के सपोर्ट में थरूर?

शशि थरूर ने स्पष्ट किया कि वे ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सरकार पर हमला करने के लिए कांग्रेस की पार्टी लाइन का पालन नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन सफल रहा और वे इस रुख पर अडिग हैं। कांग्रेस को थरूर का यह स्टैंड स्वीकार्य नहीं था, जिसके चलते उनके वक्ताओं की सूची में थरूर का नाम शामिल नहीं किया गया। दूसरी ओर, सरकार की ओर से लोकसभा में इस चर्चा के लिए राजनाथ सिंह, बैजयंत पांडा, एस. जयशंकर, तेजस्वी सूर्या, संजय जयसवाल, अनुराग ठाकुर, और कमलजीत सहावत को वक्ता चुना गया है, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह चर्चा की शुरुआत करेंगे।

कांग्रेस-थरूर के बीच बढ़ती तल्खी

22अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर की गई सैन्य कार्रवाई, ऑपरेशन सिंदूर, के बाद केंद्र सरकार ने 30से अधिक देशों में सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजे थे। इनमें से एक का नेतृत्व शशि थरूर ने किया, हालांकि कांग्रेस ने उनका नाम प्रस्तावित नहीं किया था, फिर भी सरकार ने उन्हें शामिल किया। विदेश दौरे पर थरूर ने ऑपरेशन सिंदूर को सफल बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निर्णायक नेतृत्व की सराहना की, जिससे कांग्रेस के साथ उनके मतभेद उजागर हुए। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कुछ नेताओं ने थरूर पर सवाल उठाए, जिनका उन्होंने तीखा जवाब दिया। अब लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा से थरूर की अनुपस्थिति कांग्रेस के भीतर नई राजनीतिक बहस को जन्म दे सकती है।

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