Sharmistha Panoli Case: शर्मिष्ठा पनोली के खिलाफ शिकायत करने वाला व्यक्ति लापता, जांच में हुआ बड़ा खुलासा

Sharmistha Panoli Case: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और पुणे लॉ यूनिवर्सिटी की 22 वर्षीय छात्रा शर्मिष्ठा पनोली के खिलाफ केश के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले वजाहत खान के लापता होने की खबर ने नया विवाद पैदा कर दिया है। खान के पिता, सादत खान ने दावा किया है कि उनका बेटा रविवार रात से गायब है। जिसके बाद कोलकाता पुलिस ने इस मामले में जांच तेज कर दी है।
शर्मिष्ठा पनोली को 30 मई 2025 को गुरुग्राम से कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े एक इंस्टाग्राम वीडियो में सांप्रदायिक टिप्पणियां करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगा था। इस वीडियो में उन्होंने बॉलीवुड के कुछ अभिनेताओं, खासकर मुस्लिम सितारों, पर ऑपरेशन सिंदूर पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया था। जिसमें कुछ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। वीडियो के वायरल होने के बाद जमकर आलोचना और धमकियां मिलने के चलते पनोली ने उस वीडियो को हटा दिया और 15 मई को सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली।
माफी के बाद शर्मिष्ठा पनोली
माफी के बाद भी कोलकाता के गार्डन रीच पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ कई FIR दर्ज की गईं। पुलिस ने कई बार नोटिस देने की कोशिश की लेकिन पनोली और उनके परिवार के उपलब्ध न होने के कारण कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया। इसके बाद उन्हें गुरुग्राम से गिरफ्तार कर कोलकाता लाया गया और 31 मई को अलीपुर कोर्ट ने उन्हें 13 जून तक 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
इस बीच वजाहत खान के लापता होने की खबर ने मामले को और जटिल बना दिया है। सादत खान ने बताया कि उनके बेटे को पनोली की गिरफ्तारी के बाद धमकी भरे कॉल्स आ रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि वजाहत का सोशल मीडिया अकाउंट हैक हुआ था। और जिसके जरिए हिंदू धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। इन टिप्पणियों में हिंदू देवी-देवताओं और परंपराओं का अपमान किया गया, जिसके बाद असम में खान के खिलाफ भी एक FIR दर्ज की गई है।
राजनीतिक माहौल
इस मामले ने राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में तीखी बहस पैदा कर दी है। BJP नेताओं, जैसे सुवेंदु अधिकारी और कंगना रनौत, ने पनोली की गिरफ्तारी को "वोट-बैंक की राजनीति" का नाम दिया। जबकि टीएमसी सरकार पर चुनिंदा कार्रवाई का आरोप लगाया। दूसरी ओर, कोलकाता पुलिस ने दावा किया कि गिरफ्तारी पूरी तरह कानूनी थी और सांप्रदायिक नफरत फैलाने वाले कंटेंट के खिलाफ यह कार्रवाई जरूरी थी।
पनोली के वकील मोहम्मद समीमुद्दीन ने कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है। जिसमें दावा किया गया कि उनकी मुवक्किल को जेल में धमकियां मिल रही हैं और बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है।
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