शर्मिष्ठा पनोली को कलकत्ता HC से मिली जमानत, विवादित वीडियो पोस्ट को लेकर हुई थी गिरफ्तारी

शर्मिष्ठा पनोली को कलकत्ता HC से मिली जमानत, विवादित वीडियो पोस्ट को लेकर हुई थी गिरफ्तारी

Sharmistha Polani: पुणे की लॉ स्टूडेंट और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली को गुरुवार, 5 जून 2025 को कलकत्ता हाई कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है। शर्मिष्ठा को 30 मई 2025 को कोलकाता पुलिस ने हरियाणा के गुरुग्राम से एक विवादित सोशल मीडिया वीडियो पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर "ऑपरेशन सिंदूर" पर बॉलीवुड हस्तियों की चुप्पी की आलोचना करते हुए सांप्रदायिक टिप्पणियां की थीं। जिसके बाद उनके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने का आरोप लगा।

कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति राजा बसु चौधरी ने शर्मिष्ठा को 10,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत के साथ ही जांच में सहयोग करने और बिना अनुमति देश छोड़ने पर रोक की शर्तें लगाईं। कोर्ट ने उनकी शैक्षणिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विदेश यात्रा की अनुमति भी दी। शर्मिष्ठा के वकील मोहम्मद समीमुद्दीन ने कोर्ट में दावा किया कि उनकी मुवक्किल को अलीपुर महिला सुधार गृह में बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा गया और उन्हें धमकियां मिल रही थीं। वकील ने यह भी कहा कि शर्मिष्ठा को गुर्दे की समस्या है और जेल में उचित साफ-सफाई नहीं थी। कोर्ट ने इस पर 4 जून तक रिपोर्ट मांगी थी, जिसके बाद अंतरिम जमानत का फैसला आया।
 
कोलकाता पुलिस और शिकायतकर्ता
कोलकाता पुलिस ने अपनी सफाई में कहा कि शर्मिष्ठा को "पाकिस्तान विरोधी बयान" या "देशभक्ति" के लिए नहीं, बल्कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले वीडियो के लिए गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, 15 मई को गार्डन रीच थाने में शिकायत दर्ज हुई थी और कई बार नोटिस भेजने के बावजूद शर्मिष्ठा फरार रही थीं। इसके बाद कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट लिया आया था। इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब शर्मिष्ठा के खिलाफ शिकायतकर्ता वजाहत खान के खिलाफ भी कोलकाता और असम पुलिस ने धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में केस दर्ज हुआ। वजाहत के पिता ने दावा किया कि उनके बेटे को धमकियां मिल रही थीं और वह रविवार रात से लापता हैं।
 
साथ ही अगली सुनवाई 13 जून को होगी, जिसमें इस केस की दिशा और सजा पर अंतिम फैसला संभव है। बीजेपी और टीएमसी के बीच फिलहाल इस मुद्दे पर तीखी राजनीतिक बहस छिड़ी है। बीजेपी नेताओं, जिसमें कंगना रनौत और सुकांत मजूमदार शामिल हैं। शर्मिष्ठा की रिहाई की मांग की, जबकि टीएमसी ने पुलिस कार्रवाई को उचित ठहराया।

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