Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और रुपये में कमजोरी के बीच निवेशकों की चिंता बढ़ी, जिसका असर घरेलू बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांकों पर पड़ा। सेंसेक्स 1,124.02 अंक यानी 1.52 प्रतिशत गिरकर 72,771.72 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 360.25 अंक यानी 1.56 प्रतिशत की गिरावट रही और यह 22,780.25 पर बंद हुआ। वहीं आज के दिन निवेशकों को आज 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान हुआ है।
बाजार में बिकवाली का दबाव व्यापक रहा और NSE के लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 3.20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं निफ्टी रियल्टी 2.32 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस 1.97 प्रतिशत और निफ्टी मेटल 1.90 प्रतिशत नीचे रहा। इसके अलावा निफ्टी ऑटो में 1.74 प्रतिशत और निफ्टी FMCG में 1.38 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी IT में 0.09 प्रतिशत की मामूली गिरावट रही।
कच्चे तेल और रुपये की कमजोरी ने बढ़ाई चिंता
PL Capital के मुख्य व्यापार अधिकारी (सलाहकार एवं लेन-देन) विक्रम कसाट के मुताबिक, बाजार में हुई तेज बिकवाली सिर्फ घरेलू कमजोरी का नतीजा नहीं है, बल्कि वैश्विक मैक्रो आर्थिक दबावों का भी असर है। उन्होंने बताया कि ब्रेंट क्रूड 106 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर, अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड करीब 5.2 प्रतिशत और रुपया 96 रुपये प्रति डॉलर की ओर कमजोर होने से महंगाई और आयात लागत को लेकर चिंता बढ़ी है।
सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 3 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 107.88 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। भारत के लिए कच्चे तेल की कीमतों में तेजी महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है।
विक्रम कसाट ने कहा कि अगर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है या विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली बढ़ती है, तो बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। वहीं अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों या बॉन्ड यील्ड में नरमी बाजार को कुछ स्थिरता दे सकती है।
निफ्टी के ज्यादातर शेयरों में गिरावट
निफ्टी 50 में सोमवार को सिर्फ डॉ. रेड्डीज और इंफोसिस ही बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयर रहे। दूसरी ओर जियो फाइनेंस, अडानी एंटरप्राइजेज, TMPV, टाटा कंज्यूमर और बजाज ऑटो समेत कई शेयरों में गिरावट रही।