Indore HC on Shahi Masjid: मध्य प्रदेश के उज्जैन शाही मस्जिद का मामला गरमाया हुआ है। मस्जिद के एक हिस्से को गिराए जाने के मामले में इंदौर हाईकोर्ट ने मुस्लिम समुदाय को झटका देते हुए शाही मस्जिद कमेटी द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने साफ तौर पर उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारियों के तहत चल रहे सड़क चौड़ीकरण अभियान को जारी रखने के निर्देश दिए है। यानी अब प्रशासन बिना किसी दिक्कत के सड़क चौड़ीकरण कार्य को आगे बढ़ा सकता है।
मालूम हो कि कमेटी ने इलाके में मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इंदौर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कमेटी ने मस्जिद के हिस्से को तोड़ने पर रोक लगाने की मांग की। लेकिन कोर्ट ने सीधे तौर पर इस मांग को खारिज कर दिया। बता दें, इस मामले की सुनवाई जस्टिस संदीप एन. भट्ट की एकल पीठ ने की। जिन्होंने कहा कि नगर निगम ने कानूनी प्रक्रिया के तहत मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की कार्रवाई की है। इसके अलावा कोर्ट ने राज्य में हाल ही में हुई इसी तकह की प्रक्रिया का हवाला दिया और कहा कि इससे पहले भी शहर में करीब 80 धार्मिक स्थलों से जुड़े निर्माणों पर कार्रवाई की गई और उन्हें सुचारब रूप से हटाया गया।
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क्या है पूरा मामला?
बता दें, 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ का आयोजन किया जाएगा, जिसके तहत राज्य सरकार ने सड़क चौड़ीकरण अभियान शुरू किया। इस अभियान के तहत सड़कों को चौड़ी करने का काम किया जा रहा है। लेकिन हाल ही में इस कार्य में उज्जैन के अब्दालपुरा इलाके में शाही मस्जिद का एक हिस्सा रौड़ा बना, जिसे हटाने का आदेश दिया। लेकिन ये मुस्लिम समुदाय को गवारा न था। बताया जा रहा है कि इस मुद्दों को लेकर समुदाय दो गुटों में बंट गया। एक गुट मस्जिद का हिस्सा हटाने के पक्ष में था, जबकि दूसरा गुट इसके एकदम खिलाफ था। जिसे लेकर इलाके में एक नई जंग शुरू हो गई।
मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान लोगों की भीड़ जुट गई, जिन्होंने बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस भी मौके पर मौजूद थी। लेकिन वे लोग पीछे नहीं हटे और पत्थरबाजी शुरू कर दी। हालात को काबू में रखने के लिए पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और मामल शांत कराया। जिसके बाद पूरे इलाके में अलर्ट जारी करते हुए पुलिस के करीब 2500 से ज्यादा जवाब घटनास्ल पर तैनात हुए।